जुलाई में 21 हजार से ज्यादा यूनिट बिक्री
पिछले 12 महीनों में ही 2.18 लाख Punch कारें बिकीं , पेट्रोल-CNG से लेकर EV तक हर सेगमेंट में ग्राहकों की पहली पसंद बनी
भारत की सड़कों पर अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी Tata Punch ने एक नया इतिहास रच दिया है। टाटा मोटर्स की इस छोटी SUV ने लॉन्च के सिर्फ 5 साल में 8 लाख यूनिट बिक्री का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है। अक्टूबर 2021 में बाजार में आने वाली Punch अब भारत की सबसे तेजी से 8 लाख बिक्री का आंकड़ा हासिल करने वाली SUV बन गई है। Tata Punch की इस सफलता की सबसे बड़ी वजह है इसका SUV जैसा दमदार डिजाइन, शानदार सेफ्टी, किफायती कीमत और ग्राहकों को मिले कई पावरट्रेन विकल्प। आज Punch पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक तीनों विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे अलग-अलग जरूरत वाले ग्राहक इसे पसंद कर रहे हैं।
टाटा मोटर्स के अनुसार जुलाई 2026 में Punch (Punch EV सहित) की बिक्री 21,313 यूनिट रही। इसके साथ ही यह कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली पैसेंजर कार बन गई है। इतना ही नहीं, जुलाई में यह देश की टॉप-5 सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में भी शामिल रही।
Punch की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त 2025 से जुलाई 2026 के बीच कंपनी ने इसकी 2,18,754 यूनिट बेचीं। इससे पहले इसी अवधि में बिक्री 1,70,966 यूनिट थी। एक साल में बिक्री में 47,788 यूनिट का इजाफा हुआ और सालाना ग्रोथ 27.95 प्रतिशत रही।
साल 2026 में Punch की मांग और तेज हुई है। मार्च, मई, जून और जुलाई में इसकी बिक्री लगातार 20 हजार यूनिट से ऊपर रही। जुलाई 2026 इसका सबसे शानदार महीना रहा, जब बिक्री 21,313 यूनिट तक पहुंच गई। जुलाई में इसकी बिक्री में सालाना आधार पर करीब 97.62 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई।
Tata Punch में ग्राहकों को कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं। इनमें बड़े टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay, वायरलेस चार्जर, 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स शामिल हैं। Punch EV में वेंटिलेटेड सीट्स और कई अतिरिक्त प्रीमियम फीचर्स भी दिए गए हैं। Tata Punch पेट्रोल और CNG मॉडल की कीमत 5.70 लाख रुपये से 10.67 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है। वहीं Punch EV की कीमत 9.69 लाख रुपये से 12.79 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए कंपनी Battery-as-a-Service (BaaS) विकल्प भी दे रही है, जिसमें शुरुआती कीमत कम हो जाती है और बैटरी किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से लिया जाता है।
