टाटा के ट्रक और बसें होंगी महंगी, 1 जुलाई से 2.5% तक बढ़ेंगे दाम

टाटा के ट्रक और बसें होंगी महंगी, 1 जुलाई से 2.5% तक बढ़ेंगे दाम

यात्री वाहनों के बाद अब कमर्शियल व्हीकल्स भी महंगे

कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल हालात ने बढ़ाई चुनौती

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने अपने कमर्शियल व्हीकल ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए ट्रकों और बसों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। कंपनी के अनुसार विभिन्न मॉडल और वेरिएंट के आधार पर मूल्य वृद्धि अलग-अलग होगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले सप्ताह ही टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इसमें पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों की पूरी रेंज शामिल है। अब कर्मशल वाहनों के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी अतिरिक्त लागत का दबाव बढ़ सकता है।

कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और उत्पादन लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था। स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य औद्योगिक वस्तुओं की महंगाई का सीधा असर वाहन निर्माण लागत पर पड़ रहा है। ऐसे में लागत का एक हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना मजबूरी बन गया है।

टाटा मोटर्स ने कहा कि बढ़ते इनपुट कॉस्ट के प्रभाव को कम करने के लिए कीमतों में संशोधन किया जा रहा है। यह बढ़ोतरी कंपनी के घरेलू कमर्शल वाहन पोर्टफोलियो पर लागू होगी, जिसमें ट्रक, बसें, पिकअप और अन्य वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस समय बढ़ती कमोडिटी कीमतों और आर्थिक उतार-चढ़ाव की चुनौतियों का सामना कर रहा है। कई वाहन निर्माता कंपनियां हाल के महीनों में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा चुकी हैं। बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, मारुति सुजुकी, हुंडई और निसान जैसी कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।

यदि कोई ग्राहक नया ट्रक या बस खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसके लिए 1 जुलाई से पहले वाहन बुक कराना फायदे का सौदा साबित हो सकता है।