ऑटो सेक्टर की निगाहें बजट 2026 पर, क्या बदलेगा इंडस्ट्री का गियर

ऑटो सेक्टर की निगाहें बजट 2026 पर, क्या बदलेगा इंडस्ट्री का गियर

नई दिल्ली: पिछले कुछ समय में ऑटो कंपनियों को थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन आम आदमी के लिए गाड़ी खरीदना अभी भी महंगा सौदा बना हुआ है। ऑटो इंडस्ट्री से लाखों लोगों की नौकरी जुड़ी हुई है। सरकार से उम्मीद है कि बजट 2026 में ऐसे कदम उठाए जाएं जो सीधे आम खरीदार को फायदा दें। इंडस्ट्री चाहती है कि 1 फरवरी का बजट महंगे वाहन सस्ते करे, लोन और टैक्स में राहत दे, ताकि मांग बढ़े, खर्च घटे और लोग फिर से गाड़ी खरीदने का भरोसा जुटा सकें।

ऑटो सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार देता है। 1 फरवरी 2026 को आने वाला बजट से कंपनियां सिर्फ बड़े ऐलानों की नहीं, बल्कि सीधे असर दिखाने वाली राहत चाहती हैं, ताकि गाड़ियों की मांग बढ़े, बनाने की लागत कम हो और ग्राहक दोबारा खरीदने का भरोसा करें। गाड़ियों का महंगा होना बड़ी परेशानी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट में गाड़ी खरीदने पर सस्ते लोन, कम टैक्स या सब्सिडी, ईंधन, मेंटेनेंस और चार्जिंग जैसे खर्च घटाने के उपाय किए गए, तो आम लोगों की कार और बाइक की बिक्री फिर से तेज हो सकती है। बजट से उम्मीद है कि वह महंगी गाड़ियों की नहीं, आम आदमी की जेब की चिंता करेगा।

अभी EV की बिक्री, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की रफ्तार धीमी पड़ गई है क्योंकि इनकी कीमत ज्यादा है। विशेषज्ञ चाहते हैं कि सरकार PM E-DRIVE और FAME जैसी सब्सिडी स्कीम्स को आगे भी जारी रखे, EV खरीदने के लिए सस्ते लोन पर सब्सिडी दे, और बैटरी व मोटर जैसे महंगे पार्ट्स पर टैक्स और ड्यूटी कम करे, ताकि EV सस्ते हो सकें।

ऑटो पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाने और पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर ज्यादा फायदा देने की भी मांग है। EV, बैटरी और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े कई बड़े निवेश फिलहाल रुके हुए हैं क्योंकि कंपनियां सरकार की नीति स्पष्ट होने का इंतजार कर रही हैं। बजट 2026 से इंडस्ट्री को साफ दिशा और भरोसा चाहिए। अगर सरकार ने आम खरीदार, गांवों की मांग और सप्लाई चेन को ध्यान में रखकर सही फैसले लिए, तो यही बजट भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए रफ्तार बदलने वाला “गेयर शिफ्ट” साबित हो सकता है।