नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ रही कनेक्टेड, इंटरनेट आधारित और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) से लैस वाहनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने पहली बार ऐसे नियमों का मसौदा जारी किया है, जिनके तहत वाहनों के लिए साइबर सिक्युरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट सिस्टम को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया जाएगा। इन नियमों का उद्देश्य भविष्य की स्मार्ट और ऑटोनॉमस कारों को हैकिंग, डेटा चोरी और सॉफ्टवेयर से जुड़े सुरक्षा खतरों से बचाना है।
सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में दो नए प्रावधान, रूल 125-टी और रूल 125-यू जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी कर दिया गया है और अगले 30 दिनों तक इस पर आम नागरिकों, वाहन कंपनियों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे। ड्राफ्ट के अनुसार रूल 125-टी वाहनों की साइबर सुरक्षा से जुड़ा होगा। इसके तहत एम श्रेणी (यात्री वाहन), एन श्रेणी (मालवाहक वाहन) और टी श्रेणी (ट्रैक्टर) के उन सभी वाहनों पर नियम लागू होंगे, जिनमें कम से कम एक इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) लगी है। एल-7 श्रेणी के ऐसे वाहन, जिनमें लेवल-3 या उससे अधिक ऑटोमेशन है, वे भी इसके दायरे में आएंगे। वाहन निर्माताओं को AIS-189 मानक के अनुरूप Cyber Security Management System (CSMS) विकसित करना होगा।
वहीं रूल 125-यू सॉफ्टवेयर अपडेट से संबंधित होगा। यह एम, एन, टी, ए और सी श्रेणी के वाहनों पर लागू होगा। इसके तहत वाहन कंपनियों को AIS-190 मानक के अनुरूप Software Update Management System (SUMS) लागू करना होगा। दरअसल, आधुनिक वाहन अब केवल इंजन और मैकेनिकल सिस्टम तक सीमित नहीं हैं। नई कारों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, मोबाइल ऐप कंट्रोल, डिजिटल की, क्लाउड आधारित सेवाएं, नेविगेशन, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और वायरलेस सॉफ्टवेयर अपडेट जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ा है। यदि कोई हैकर वाहन के सॉफ्टवेयर में सेंध लगा दे, तो वह वाहन के कुछ डिजिटल सिस्टम तक पहुंच बनाने, निजी डेटा चुराने या सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा करने की कोशिश कर सकता है।
सरकार इन नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी। सबसे पहले लेवल-3 या उससे अधिक ऑटोमेशन वाले नए मॉडलों पर अक्टूबर 2026 से नियम लागू होंगे, जबकि इसी श्रेणी के मौजूदा मॉडलों को अप्रैल 2027 तक अनुपालन करना होगा। इसके बाद ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट सुविधा वाले नए वाहनों पर अप्रैल 2028 और मौजूदा मॉडलों पर अक्टूबर 2028 से नियम लागू होंगे। अंत में जिन वाहनों में किसी भी प्रकार का सॉफ्टवेयर अपडेट सिस्टम मौजूद है, उन्हें अक्टूबर 2029 तक इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
