नोएडा। उत्तर प्रदेश अब सिर्फ देश का सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य ही नहीं, बल्कि भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब भी बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन में करीब 65 फीसदी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इंडिया के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण में भी यूपी की हिस्सेदारी करीब 55 फीसदी तक पहुंच गई है।
राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से बढ़ते निवेश ने यूपी को ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बना दिया है। सरकार के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी के तहत राज्य को 75 से ज्यादा कंपनियों से ₹28,000 करोड़ से अधिक का निवेश मिला है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 32,146 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में कुल निवेश का आंकड़ा ₹60,000 करोड़ से ऊपर पहुंच गया है।
यूपी का नोएडा-ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां Samsung Electronics, Oppo, Vivo और LG Electronics जैसी बड़ी कंपनियां उत्पादन कर रही हैं। इसके अलावा Dixon Technologies, Optiemus Electronics, Padget Electronics, Zetwerk और Bhagwati Products जैसी कंपनियों ने भी यूपी में अपना कारोबार बढ़ाया है। कंपोनेंट निर्माण के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां PCB असेंबली, डिस्प्ले, कैपेसिटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स बनाने वाली कंपनियां काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी बड़ा उछाल आया है। सरकार के अनुसार, 2015 में जहां राज्य से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लगभग नगण्य था, वहीं FY23 में यह बढ़कर 2.58 अरब डॉलर हो गया। यह भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का करीब 16.65 फीसदी है। यूपी से स्मार्टफोन एक्सपोर्ट FY25 में 17.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
राज्य सरकार अब इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, ड्रोन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दे रही है। ग्रेटर नोएडा में जेवर के पास प्रस्तावित HCL-Foxconn डिस्प्ले ड्राइवर चिप प्लांट जैसे प्रोजेक्ट यूपी को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत लॉजिस्टिक्स, कुशल कर्मचारियों और आसान कारोबारी माहौल के दम पर यूपी आने वाले वर्षों में ग्लोबल टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की तैयारी कर रहा है। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
