टोयोटा भविष्य की कार मैन्युफैक्चरिंग को AI, ऑटोमेशन और रोबोटिक्स से बड़े स्तर पर बदलने की तैयारी कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि 2028 से फैक्ट्रियों को आधुनिक बनाने पर हर साल करीब 1 ट्रिलियन येन यानी लगभग 6.4 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं।
इस योजना में टोयोटा के साथ उसकी ग्रुप कंपनियां और प्रमुख सप्लायर भी शामिल होंगे। कंपनी ने निवेशकों को बताया है कि फैक्ट्री ऑटोमेशन को आगे बढ़ाने के लिए करीब 4 लाख रोबोट की जरूरत पड़ सकती है। इसमें मौजूदा मशीनों को बदलने के साथ नई मशीनों और रोबोट की तैनाती भी शामिल है।
फैक्ट्री में इंसान और रोबोट साथ काम करेंगे
टोयोटा का फोकस सिर्फ औद्योगिक रोबोट लगाने तक सीमित नहीं है। योजना में ऑटोमेटेड लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक रोबोट और भविष्य में इंसानों के साथ रोबोट के मिलकर काम करने जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है।
AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल उत्पादन प्रक्रिया को अधिक आधुनिक बनाने के साथ बढ़ती श्रम कमी और पुरानी होती फैक्ट्री इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती से निपटने के लिए भी किया जा रहा है।
ऑटो इंडस्ट्री में बढ़ रहा रोबोट का इस्तेमाल
दुनिया की कई ऑटो कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग में रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। टोयोटा के बढ़ते रोबोटिक्स फोकस पर Bernstein के विश्लेषकों ने भी कहा है कि कंपनी के रोबोटिक्स से जुड़े ऐलान आने वाले समय में और बढ़ सकते हैं।
दूसरी ओर, Hyundai भी ह्यूमनॉइड रोबोट को अपनी फैक्ट्रियों में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने अमेरिका के जॉर्जिया स्थित प्लांट में 2028 से ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात करने की योजना बताई है।
यानी आने वाले वर्षों में कार फैक्ट्री का मतलब सिर्फ इंसानों और मशीनों से नहीं, बल्कि AI और ह्यूमनॉइड रोबोट के साथ काम करने वाली स्मार्ट फैक्ट्री से भी होगा।
