15 मिनट में चार्ज होगी इलेक्ट्रिक बस: Fresh Bus बना रही भारत का पहला रैपिड-चार्ज हाइवे नेटवर्क

15 मिनट में चार्ज होगी इलेक्ट्रिक बस: Fresh Bus बना रही भारत का पहला रैपिड-चार्ज हाइवे नेटवर्क

नई दिल्ली। इंडिया में इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों की सबसे बड़ी चुनौती लंबा चार्जिंग समय रही है। इसे बदलने के लिए Fresh Bus देश का पहला ऐसा रैपिड-चार्ज हाईवे नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां इलेक्ट्रिक बसें तय स्टॉप पर करीब 15 मिनट में चार्ज होकर फिर सफर पर निकल सकेंगी। कंपनी का मानना है कि भविष्य में इंटरसिटी ई-मोबिलिटी की सफलता सिर्फ बैटरी की रेंज नहीं, बल्कि चार्जिंग की रफ्तार पर निर्भर करेगी। इसी सोच के साथ Fresh Bus हाई-पावर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे चार्जिंग डाउनटाइम कम होगा, बसों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक यात्रा अधिक व्यावहारिक व किफायती बन सकेगी।

Fresh Bus के संस्थापक और सीईओ सुधाकर चिर्रा का कहना है कि इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बसों के भविष्य का फैसला सिर्फ बैटरी की रेंज नहीं, बल्कि चार्जिंग की रफ्तार करेगी। कंपनी का लक्ष्य ऐसा नेटवर्क बनाना है, जहां बसें अपने तय स्टॉप पर महज 15 मिनट में चार्ज होकर फिर से सफर पर निकल सकें। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हाइवे पर हाई-पावर फास्ट चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इन स्टेशनों पर अत्याधुनिक चार्जिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे बसों का चार्जिंग समय काफी कम हो जाएगा और ऑपरेटरों की लागत भी घटेगी।

कंपनी के अनुसार, इंटरसिटी ईवी बसों के लिए सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग के दौरान होने वाला लंबा डाउनटाइम है। यदि चार्जिंग समय कम हो जाता है, तो एक बस दिनभर में अधिक ट्रिप कर सकेगी। इससे ऑपरेशनल दक्षता बढ़ेगी और इलेक्ट्रिक बसों का बिजनेस मॉडल ज्यादा लाभदायक बनेगा। हालांकि, इस दिशा में कई चुनौतियां भी हैं। हाइवे पर पर्याप्त बिजली आपूर्ति, हाई-कैपेसिटी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रिड अपग्रेड और नीति संबंधी सहयोग अभी भी बड़े मुद्दे हैं। कंपनी का मानना है कि सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। Fresh Bus की दीर्घकालिक योजना देशभर में इलेक्ट्रिक इंटरसिटी बसों के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने की है। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो भारत में इलेक्ट्रिक बस परिवहन को नई रफ्तार मिल सकती है।