HPCL-EIM के रोडमैप में मुंबई से चेन्नई तक EV ट्रकों का नया कॉरिडोर
भारत के हाइवे पर दौड़ेंगे इलेक्ट्रिक ट्रक, HPCL के 25 हजार आउटलेट्स पर चार्जिंग हब
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार अब सिर्फ कारों और दोपहिया तक सीमित नहीं रहने वाली है। भारी कमर्शियल वाहनों, इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए देश में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने जा रहा है। Energy In Motion (EIM) ने Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के साथ साझेदारी की है, जिसके तहत देशभर में HPCL के 25 हजार से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स पर इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए फास्ट चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग हब विकसित किए जाएंगे।
इस साझेदारी का मकसद लंबी दूरी तक चलने वाले इलेक्ट्रिक ट्रकों को तेज और भरोसेमंद ऊर्जा सुविधा उपलब्ध कराना है। मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक भारी वाहनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग समय और सीमित चार्जिंग नेटवर्क की है। बैटरी स्वैपिंग तकनीक इस समस्या को काफी हद तक दूर कर सकती है।
समझौते के तहत EIM चरणबद्ध तरीके से HPCL के पेट्रोल पंप नेटवर्क पर चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित करेगी। शुरुआत में देश के प्रमुख माल ढुलाई मार्गों को टारगेट किया गया है। इनमें मुंबई-पुणे, दिल्ली-जयपुर और चेन्नई-बेंगलुरु फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं। अगले 18 से 24 महीनों में इन रूट्स पर कई स्वैप-कम-चार्जिंग हब तैयार किए जाएंगे।
इस नेटवर्क की सबसे बड़ी खासियत बैटरी स्वैपिंग होगी। इलेक्ट्रिक ट्रक चालक को घंटों तक वाहन चार्ज होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खाली बैटरी हटाकर चार्ज बैटरी लगाने में करीब 7 मिनट का समय लगेगा। इससे ट्रकों का डाउनटाइम कम होगा और लॉजिस्टिक्स कंपनियां अपने वाहनों का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगी।
इस साझेदारी में EIM बैटरी इन्वेंटरी और स्वैपिंग सिस्टम का संचालन संभालेगी, जबकि HPCL अपने विशाल रिटेल नेटवर्क पर जगह, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। पूरा सिस्टम डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ा होगा, जिससे वाहन ऑपरेटरों को स्टेशन की उपलब्धता, डिजिटल पेमेंट और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
EIM पहले से ही हेवी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में काम कर रही है। कंपनी ने 2025 में अपना 55 टन इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर Ashwa पेश किया था। इसके अलावा दिल्ली-NCR और JNPA पोर्ट क्षेत्र में कंपनी छह हेवी-ड्यूटी बैटरी स्वैप स्टेशन चालू कर चुकी है, जिनकी क्षमता रोजाना 840 बैटरी स्वैप करने की है।
कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक देश में 40 हेवी कमर्शियल व्हीकल स्वैप-कम-चार्जिंग स्टेशन शुरू करने का है।
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क सबसे जरूरी कड़ी है। HPCL जैसे बड़े फ्यूल रिटेल नेटवर्क के साथ साझेदारी से इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को नई गति मिल सकती है। आने वाले समय में पेट्रोल पंप सिर्फ ईंधन भरने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि EV एनर्जी हब के रूप में भी नजर आ सकते हैं।
