124 साल की विरासत पर EV का खतरा! कंपनी का नया मंत्र- पेट्रोल भी चलेगा, इलेक्ट्रिक भी दौड़ेगा
Flying Flea से EV में एंट्री, लेकिन पेट्रोल बाइक नहीं छोड़ेगी Royal Enfield
पेट्रोल की शान या इलेक्ट्रिक की उड़ान? दोराहे पर खड़ी कंपनी
नई दिल्ली। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग के बीच भारत की प्रतिष्ठित मिड-साइज मोटरसाइकिल निर्माता Royal Enfield ने पहली बार स्वीकार किया है कि यदि कंपनी समय रहते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाती, तो उसकी दशकों पुरानी विरासत ही उसके लिए सबसे बड़ा जोखिम बन सकती है। कंपनी की पैरेंट कंपनी Eicher Motors ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि ग्राहकों की पसंद तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ती रही और कंपनी उपयुक्त EV उत्पाद समय पर नहीं ला सकी, तो Royal Enfield की छवि “पुराने दौर के ब्रांड” के रूप में बन सकती है।
कंपनी ने साफ कहा है कि लंबे समय तक केवल इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) तकनीक और पारंपरिक फीचर्स पर निर्भर रहना भविष्य में रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है। बदलते ऑटोमोबाइल बाजार में अब ग्राहक सिर्फ दमदार इंजन ही नहीं, बल्कि स्मार्ट टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रिक विकल्प भी चाहते हैं। ऐसे में समय के साथ खुद को बदलना कंपनी की मजबूरी बन चुका है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. गोविंदराजन ने कहा कि आज Royal Enfield के हर तीन ग्राहकों में से एक की उम्र 25 वर्ष से कम है। Royal Enfield ने Flying Flea C6 के जरिए इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में कदम रखा है। यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल है, जिसकी चरणबद्ध बिक्री अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है। शुरुआत बेंगलुरु जैसे आईटी हब शहरों से की गई है। कंपनी जल्द ही इसी प्लेटफॉर्म पर आधारित FF.S6 Scrambler इलेक्ट्रिक बाइक भी लॉन्च करेगी।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन सिद्धार्थ लाल ने कहा कि Royal Enfield जितना संभव होगा, उतने लंबे समय तक पेट्रोल मोटरसाइकिलों का झंडा बुलंद रखेगी। नए इंजन, नए प्लेटफॉर्म और अत्याधुनिक तकनीक में निवेश लगातार जारी रहेगा। वित्त वर्ष 2025-26 में Royal Enfield ने पहली बार 12 लाख से अधिक मोटरसाइकिलों की बिक्री का रिकॉर्ड बनाया। घरेलू बाजार में बिक्री 23 प्रतिशत बढ़कर 11.1 लाख यूनिट रही, जबकि निर्यात 20 प्रतिशत बढ़कर 1.20 लाख यूनिट से अधिक पहुंच गया। कंपनी तमिलनाडु के चेय्यार संयंत्र के विस्तार पर ₹958 करोड़ का निवेश कर रही है। यह परियोजना FY28 तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 20 लाख मोटरसाइकिल हो जाएगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में नए ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की तैयारी भी चल रही है।
