चार्ज करो और चलो! इलेक्ट्रिक कारों की बंपर बुकिंग से कंपनियां हैरान
भारत में EV बूम! डीलरों के पास खत्म हो रहा स्टॉक
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग ने अचानक ऐसी रफ्तार पकड़ ली है कि देश की बड़ी ऑटो कंपनियां भी ग्राहकों की मांग पूरी नहीं कर पा रही हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब ग्राहक तेजी से पेट्रोल-डीजल कारों को छोड़कर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि Maruti Suzuki, Mercedes-Benz, BMW, Tata Motors, Mahindra & Mahindra और JSW MG Motor जैसी कंपनियों के लोकप्रिय EV मॉडल्स पर लंबा वेटिंग पीरियड चल रहा है। कई गाड़ियों की डिलीवरी के लिए ग्राहकों को 2 से 3 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
Mercedes-Benz India के Managing Director Santosh Iyer के अनुसार मार्च के बाद से कंपनी की बैटरी इलेक्ट्रिक कारों (BEV) की मांग में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में लॉन्च हुई CLA BEV को उम्मीद से कहीं ज्यादा बुकिंग मिली है। हालात यह हैं कि कुछ डीलरों ने फिलहाल नई बुकिंग लेना भी बंद कर दिया है क्योंकि पुरानी बुकिंग का बैकलॉग काफी बढ़ गया है। BMW India में भी EV की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। कंपनी की कुल बिक्री में EV का योगदान दिसंबर 2025 के 21% से बढ़कर मई 2026 में लगभग 33% तक पहुंच गया। बढ़ती मांग को देखते हुए BMW को अपने मुख्यालय से अतिरिक्त वाहनों का कोटा मांगना पड़ा है।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता Maruti Suzuki भी EV क्रांति का असर महसूस कर रही है। कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara की बुकिंग पिछले एक महीने में दोगुनी हो गई है। वर्तमान में इस SUV पर 6 से 8 सप्ताह का वेटिंग पीरियड चल रहा है। कंपनी गुजरात के हंसलपुर प्लांट में नई उत्पादन लाइन शुरू कर क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। Mahindra XEV 9e, BE 6, Tata Punch EV, Tiago EV, MG Windsor EV और ZS EV जैसी गाड़ियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। कई मॉडल्स पर 4 से 8 सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
Tata Motors Passenger Vehicles के MD Shailesh Chandra का कहना है कि कंपनी की कुल बुकिंग में EV की हिस्सेदारी 30-33% तक पहुंच चुकी है, जबकि सप्लाई की सीमाओं के कारण डिलीवरी केवल 15-16% के आसपास हो पा रही है। इसका मतलब साफ है कि अब EV बाजार की सबसे बड़ी चुनौती मांग नहीं बल्कि उत्पादन और सप्लाई है।
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बेहतर होता है, तो आने वाले महीनों में भारत में EV क्रांति और तेज हो सकती है। अब इलेक्ट्रिक कारें केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कहानी बनती जा रही हैं।
