नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में बनी प्लांट में बनने वाले दस लाखवीं गाड़ी को हरी झंडी दिखाई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान प्लांट में इलेक्ट्रिक बस में सफर भी किया। मुख्यमंत्री ने नोएडा के इंडस्ट्रियल प्लांट में श्रमिकों के असंतोष के बीच सख्त संदेश देते हुए कहा कि बाहरी दखल से बचना जरूरी है। टीमवर्क, ईमानदारी और कृतज्ञता सफलता की कुंजी है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इंडस्ट्री के लिए सबसे बेहतर इको सिस्टम यूपी में है।
योगी ने चेतावनी दी कि “बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले बहुत कम होते हैं”, इसलिए हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह संगठन को परिवार की तरह समझे। उन्होंने कहा कि 34 वर्षों की यह यात्रा “टाटा के ट्रस्ट” और उत्तर प्रदेश की बदलती कार्यसंस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है। किसी भी समूह या संस्थान की सफलता का आधार टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी है।
Tata मतलब ट्रस्ट, यह केवल धारणा नहीं, करोड़ों लोगों का अनुभव है। बचपन से लेकर आज तक टाटा की बसों और अन्य भारी वाहनों के माध्यम से लोगों की यात्राओं व आवश्यकताओं की पूर्ति को हर भारतीय ने देखा और महसूस किया है। चाहे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सामान पहुंचाना हो या रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना, टाटा हमेशा भरोसे के साथ खड़ा रहा है। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ टाटा समूह की साझेदारी विश्वास, विकास और ‘नए भारत’ के ‘नए उत्तर प्रदेश’ को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। यह 34 साल का सफर ‘टाटा के भरोसे’ और प्रदेश की बदलती कार्यसंस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के अनुकूल माहौल की कहानी कहता है।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ की आबादी और 56 प्रतिशत युवा वर्कफोर्स एक बड़ी ताकत है। उत्तर प्रदेश अब तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। यह उपलब्धि उस “ऐतिहासिक उड़ान” का लॉन्चपैड है, जो राज्य को वैश्विक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बना रही है। ‘मोमेंटम’ सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि ‘मास’ और ‘वेलोसिटी’ का संयोजन है, जहां जनसंख्या और युवा शक्ति (मास) है, वहीं विकास की गति (वेलोसिटी) अपने आप पैदा होती है।
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज से 8-9 वर्ष पहले पहचान का संकट था, चुनौतियां थीं। कनेक्टिविटी उतनी अच्छी नहीं थी। तय कर पाना कठिन था कि सड़क है या गड्ढा है… सुरक्षा का संकट था, न नीयत साफ थी और न कोई नीति ही थी। निवेश करने में लोग डरते थे। आज सुरक्षा का माहौल भी है।अभी इसी महीने 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण भी किया जाएगा।लगभग 600 किलोमीटर का यह एक्स्प्रेसवे बनने के बाद उत्तर प्रदेश का देश के कुल एक्स्प्रेसवे में योगदान 60% हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि Tata Motors का लखनऊ प्लांट पिछले 34 सालों में डीजल से CNG और अब इलेक्ट्रिक व डिफेंस वाहनों तक का सफर तय कर चुकी है। यहां से निकली 10 लाखवीं बस, जिसकी रेंज करीब 200 किमी है, पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देती है। 5,600 से अधिक कर्मचारियों के साथ यह प्लांट रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बन चुका है और ‘लक्ष्य’ कार्यक्रम के जरिए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है। Ratan Tata के विजन से स्थापित यह प्लांट आज करीब 6,000 परिवारों की आजीविका का आधार बना हुआ है।
