161% बढ़ा इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो बाजार, Euler Motors ने मारी नंबर-2 की बाजी
₹100 करोड़ के प्लांट से EV कारोबार को रफ्तार! 6,500 इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों की बिक्री
डीजल के गढ़ में EV की एंट्री! Euler Motors ने चार-पहिया कार्गो बाजार में मचाई हलचल
भारत के इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो सेगमेंट में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। FY26 में इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो बाजार 161% बढ़ा, जबकि Euler Motors करीब 25% बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की दूसरी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कंपनी बन गई है। कंपनी के मुताबिक, इस सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी करीब 1% से बढ़कर 5% हो गई है, जो किसी भी वाहन सेगमेंट में सबसे तेज बढ़ोतरी है।
Euler Motors ने बताया कि कंपनी के Storm EV और Turbo EV 1000 की मांग बढ़ने से कंपनी ने करीब 6,500 वाहन बेचे हैं। कंपनी की बिक्री शुरुआती 2025 में करीब 50 वाहन प्रति महीने से बढ़कर सितंबर 2026 में लगभग 1,000 वाहन प्रति माह हो गई। Turbo EV 1000 के लॉन्च को भी अब एक साल पूरा हो गया है।
कंपनी के मुताबिक, लंबे समय तक चार-पहिया कार्गो सेगमेंट में डीजल वाहनों का दबदबा रहा, क्योंकि समान काम करने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआती कीमत करीब 30-40% ज्यादा थी। Euler का दावा है कि उसके उत्पादों ने कीमत और प्रदर्शन के अंतर को कम किया है। इलेक्ट्रिक वाहन की कम रनिंग कॉस्ट भी ऑपरेटरों के लिए आकर्षण बढ़ा रही है।
Euler Motors की पकड़ दिल्ली में सबसे मजबूत है, जहां कंपनी करीब 50% इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर कार्गो बाजार पर कब्जा करने का दावा करती है। महाराष्ट्र में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 25% है, जहां इस सेगमेंट में EV की पैठ 8.7% तक पहुंच गई है। राजस्थान में Euler की हिस्सेदारी करीब 32% बताई गई है और वहां इलेक्ट्रिक पैठ 11% से ज्यादा हो गई है।
कंपनी के अनुसार अब मांग बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों से भी आ रही है। राजस्थान के सीकर, महाराष्ट्र के सोलापुर, सतारा और सांगली तथा तमिलनाडु के तिरुप्पुर, सलेम और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों की मांग बढ़ रही है। सीकर में कंपनी के डीलर ने कारोबार शुरू करने के तीन महीने के भीतर करीब 40 वाहन प्रति माह की बिक्री हासिल की। यहां डेयरी, दूध, गैस सिलेंडर, FMCG और पानी की सप्लाई करने वाले ग्राहक प्रमुख हैं।
Euler Motors ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हरियाणा के पलवल में चार-पहिया वाहन उत्पादन संयंत्र की क्षमता बढ़ाई है। करीब ₹100 करोड़ के निवेश वाले इस प्लांट की सालाना क्षमता 24,000 वाहन है।
