INDIA-EU FTA: पहले साल एक लाख यूरोपियन लग्जरी कारें होंगी सस्ती

INDIA-EU FTA: पहले साल एक लाख यूरोपियन लग्जरी कारें होंगी सस्ती

BMW से लेकर Mercedes तक यूरोपीय कारों पर घट सकती है इंपोर्ट ड्यूटी

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बड़ा प्रावधान सामने आया है। पहले साल EU की वाहन कंपनियां 1 लाख पैसेंजर कारें रियायती आयात शुल्क पर भारत ला सकेंगी। यह कोटा 10वें साल से बढ़कर 1.6 लाख कारें सालाना हो जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रियायती शुल्क की सुविधा पांचवें साल से शुरू होने का प्रस्ताव है।मझौते में शराब, वाइन, पोर्क, सेब, कीवी, नाशपाती और आड़ू जैसे कुछ अन्य उत्पादों के लिए भी टैरिफ रियायत और TRQ का प्रस्ताव है। भारत-ईयू FTA पर 2026 के अंत तक हस्ताक्षर होने और 2027 में लागू होने की संभावना बताई गई है
FTA के तहत इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) और नॉन-प्लग-इन हाइब्रिड कारों के लिए टैरिफ रेट कोटा (TRQ) रखा जाएगा। यह कोटा पहले साल 1 लाख यूनिट होगा। दूसरे साल 1.07 लाख, तीसरे साल 1.15 लाख, चौथे साल 1.225 लाख और पांचवें साल 1.3 लाख यूनिट हो जाएगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे बढ़ते हुए 10वें साल से 1.6 लाख यूनिट हो जाएगा।
रियायती शुल्क का फायदा केवल €15,000 यूरो करीब 16.6 लाख रुपये या इससे अधिक कीमत वाली कारों को मिलेगा। इससे कम कीमत वाली कारों को यह विशेष टैरिफ सुविधा नहीं मिलेगी। 15,000 से 35,000 यूरो यानी करीब 16.6 लाख से 38.8 लाख रुपये वाली कारों पर पहले साल शुल्क 110% से घटकर 35% होगा और पांचवें साल तक घटकर 10% हो जाएगा। वहीं, 35,000 यूरो से महंगी कारों पर शुल्क पहले साल 66% से घटकर 30% और पांचवें साल तक 10% हो जाएगा।
महंगी कारों के लिए अलग कोटा
FTA में अलग-अलग कीमत वाली कारों के लिए कोटा बांटने का भी प्रावधान है। पांचवें साल से 50,000 पाउंड यानी करीब 55.4 लाख रुपये से महंगी कारों के लिए 43,000 यूनिट का कोटा निर्धारित किया जाएगा।
कोटे से बाहर आने वाली EU कारों पर भी शुल्क धीरे-धीरे कम होगा, हालांकि यह कोटे के भीतर मिलने वाली दर से ज्यादा रहेगा।
पूरी तरह नॉक्ड-डाउन (CKD) रूप में आने वाली ICE और हाइब्रिड कारों के लिए अलग TRQ होगा। पहले पांच वर्षों में इसका कोटा 75,000 यूनिट सालाना रहेगा। 10वें साल से यह घटकर 50,000 यूनिट हो जाएगा। इन वाहनों पर शुल्क पहले साल के 13.75% से घटकर तीसरे साल से 8.25% करने का प्रस्ताव है। मौजूदा दर 16.5% है।
बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV), प्लग-इन हाइब्रिड और अन्य पात्र तकनीक वाले वाहनों को रियायती शुल्क की सुविधा पांचवें साल से मिलेगी। यह सुविधा 20,000 यूरो (करीब 22 लाख रुपये) या उससे महंगी कारों पर लागू होगी। इन वाहनों का CBU कोटा पांचवें साल 20,000 यूनिट से शुरू होगा। 10वें साल तक यह 50,000 और 14वें साल से बढ़कर 90,000 यूनिट सालाना हो जाएगा।