INDIA में 2032 तक 50 अरब डॉलर का होगा 5G मार्केट!

INDIA में 2032 तक 50 अरब डॉलर का होगा 5G मार्केट!

4 लाख करोड़ के संभावित मार्केट पर HFCL, Tejas और Dixon पर नजर

• 5G मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2032 तक आएगा डबल बूम . अभी 25 अरब डॉलर का है मार्केट

• स्वदेशी कंपनियों के लिए खुल सकता है कमाई का बड़ा रास्ता

5G की दौड़ में भारत की नई ताकत! ₹50 अरब डॉलर के बाजार पर टिकी निगाहें

भारत का टेलीकॉम इक्विपमेंट बाजार आने वाले वर्षों में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। KPMG की रिपोर्ट के मुताबिक, देश का टेलीकॉम उपकरण बाजार वित्त वर्ष 2025 के 25 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2032 तक 50 अरब डॉलर पहुंच सकता है। रुपये में देखें तो यह करीब ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा का संभावित बाजार है। 5G नेटवर्क के विस्तार, स्वदेशी उपकरणों के निर्माण और विदेशी बाजारों में निर्यात बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं। इस तेजी के बीच HFCL, Tejas Networks और Dixon Technologies जैसी तीन सूचीबद्ध कंपनियां खास चर्चा में हैं। भारत में टेलीकॉम उपकरणों का बाजार आने वाले वर्षों में लगभग ₹4 लाख करोड़ के बराबर हो सकता है।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का टेलीकॉम उपकरण बाजार लगभग 25 अरब डॉलर का बताया गया है। KPMG के अनुमान के मुताबिक, वित्त वर्ष 2031-32 तक यह बाजार बढ़कर 50 अरब डॉलर हो सकता है। 50 अरब डॉलर को अगर 1 डॉलर = 80 रुपये मानकर बदलें, तो यह 4 लाख करोड़ रुपये बनता है। वास्तविक राशि डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करेगी।

HFCL टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग उपकरणों के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी की वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसने एक प्रमुख भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर को 8 लाख से ज्यादा स्वदेशी 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) डिवाइस की सप्लाई की है। ये उपकरण 5G नेटवर्क के जरिये ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।

टाटा समूह की Tejas Networks वायरलाइन और वायरलेस नेटवर्किंग उपकरण डिजाइन और तैयार करती है। कंपनी ने 5G Massive MIMO रेडियो और 4G-5G कोर नेटवर्क जैसी तकनीकों पर काम किया है। इसे यूरोप में 5G रेडियो की सप्लाई और दक्षिण अमेरिका में अपना पहला एंड-टू-एंड 5G नेटवर्क ऑर्डर भी मिला है।

वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसका राजस्व 87.6% गिरकर ₹1,103.3 करोड़ रह गया, जबकि ₹908.9 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया। बड़े BSNL प्रोजेक्ट की सप्लाई पूरी होने और नए ऑर्डर मिलने में देरी ने प्रदर्शन पर असर डाला। इसलिए कंपनी के लिए नए ऑर्डर को समय पर पूरा करना और मुनाफे में वापसी करना अहम होगा।

Dixon Technologies इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी है। इसकी सहायक कंपनी 5G FWA डिवाइस, राउटर, ब्रॉडबैंड उपकरण और माइक्रोवेव बैकहॉल रेडियो बनाती है। कंपनी ने Aviat Networks के साथ तकनीकी लाइसेंसिंग समझौता किया है। इसके अलावा, ताइवान की Gemtek के साथ संयुक्त उद्यम के जरिये ऑप्टिकल ट्रांसीवर और टेलीकॉम कंपोनेंट बनाने की योजना है।