322 करोड़ रुपये की फंडिंग, Mahindra की EV कंपनी के सिर पर यूनिकॉर्न का ताज

322 करोड़ रुपये की फंडिंग, Mahindra की EV कंपनी के सिर पर यूनिकॉर्न का ताज

1 लाख EV बेचने वाली पहली कंपनी, इलेक्ट्रिक ऑटो मार्केट में Mahindra की 40% हिस्सेदारी

कंपनी का 2031 तक 10 लाख ईवी बेचने का टारगेट

Mahindraएंड Mahindraकी इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Mahindra Last Mile Mobility (MLMML) ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने नई फंडिंग में 322 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसके साथ ही वह यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गई है। यूनिकॉर्न उस स्टार्टअप या कंपनी को कहा जाता है जिसकी वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर (करीब 8,500 करोड़ रुपये) या उससे ज्यादा हो। इस निवेश के बाद Mahindra Last Mile Mobility की वैल्यूएशन बढ़कर 10,822 करोड़ रुपये हो गई है।
इस फंडिंग राउंड की अगुआई ग्लोबल सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट कंपनी Lightrock ने की। इसके अलावा पहले से निवेश कर चुके International Finance Corporation (IFC) और India-Japan Fund (IJF) ने भी इस निवेश में हिस्सा लिया। Mahindra की यह कंपनी देश में इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल, खासकर इलेक्ट्रिक ऑटो (L5 थ्री-व्हीलर) सेगमेंट में सबसे मजबूत खिलाड़ी बन चुकी है। पिछले चार वर्षों में कंपनी की इलेक्ट्रिक ऑटो बिक्री छह गुना बढ़ गई है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनी की बिक्री में 85% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एक और बड़ी उपलब्धि यह रही कि FY26 में Mahindra Last Mile Mobility भारत की पहली इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन कंपनी बनी जिसने 1 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर बेचने का रिकॉर्ड बनाया। कंपनी के वाहनों ने अब तक 600 करोड़ (6 बिलियन) इलेक्ट्रिक किलोमीटर की दूरी तय कर ली है, जो ग्राहकों के भरोसे को दिखाता है।
Mahindraग्रुप के ग्रुप सीईओ और एमडी डॉ. अनीश शाह ने कहा कि कंपनी 2031 तक भारत की सड़कों पर 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उतारना चाहती है। Mahindraके ऑटो और फार्म सेक्टर के सीईओ राजेश जेजूरिकर ने कहा कि लगातार चौथे साल कंपनी भारत की नंबर-1 इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन निर्माता बनी हुई है।
कंपनी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में L5 इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी 12% से बढ़कर 40% हो गई है। अब हर 10 बड़े थ्री-व्हीलर में लगभग 4 इलेक्ट्रिक हैं। इस तेजी का सबसे ज्यादा फायदा Mahindra को मिला है और कंपनी की इस सेगमेंट में करीब 40% बाजार हिस्सेदारी है।
नई फंडिंग के बाद Mahindra Last Mile Mobility अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज बढ़ाने, नई तकनीक विकसित करने और देशभर में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में है।