नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। इस क्षेत्र में JBM Auto ने अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। कंपनी ने मई 2026 में भारत के इलेक्ट्रिक बस बाजार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करते हुए अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी। वाहन पोर्टल Vahan के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने मई महीने में 157 इलेक्ट्रिक बसों का रजिस्ट्रेशन किया।
JBM Auto की इलेक्ट्रिक बसों की मांग लगातार बढ़ रही है और कंपनी इस क्षेत्र में अग्रणी बन गई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों का पंजीकरण कराया। सरकारी परिवहन विभाग और अन्य संस्थाएं JBM की इलेक्ट्रिक बसों पर पहले से ज्यादा भरोसा कर रही हैं। देश में इलेक्ट्रिक बसों को अपनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है।Vahan पोर्टल पूरे देश में वाहनों के पंजीकरण का रिकॉर्ड रखता है। हाल ही में तेलंगाना राज्य का डेटा भी इसमें जोड़ा गया है। इससे अब इलेक्ट्रिक बसों के रजिस्ट्रेशन के आंकड़े और अधिक सटीक तथा व्यापक हो गए हैं। इसलिए मई 2026 के आंकड़े पूरे देश की वास्तविक तस्वीर को बेहतर ढंग से दिखाते हैं।
कंपनी का कहना है कि उसकी सफलता का राज आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) क्षमता और हल्के लेकिन मजबूत इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म है। हल्की बसें कम ऊर्जा खर्च करती हैं, जबकि मजबूत ढांचा सुरक्षा और टिकाऊपन बढ़ाता है। कंपनी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर यात्रियों और ड्राइवरों की सुविधा को ध्यान में रखकर बसें बनाती है।
कंपनी का दावा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में स्थित उसका इलेक्ट्रिक बस प्लांट चीन के बाहर दुनिया के सबसे बड़े समर्पित इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्रों में से एक है। यहां हर साल 20,000 इलेक्ट्रिक बसें बनाने की क्षमता है। इससे राज्यों और शहरों को बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा सकती हैं। JBM Auto भारत में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
JBM Auto के अनुसार, उसकी इलेक्ट्रिक बसें अब तक 400 मिलियन से अधिक ई-किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं। इन बसों ने एक अरब से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई है और एक अरब किलोग्राम से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को वातावरण में जाने से रोका है।
