महिंद्रा-SML का बड़ा दांव, FY31 तक CV बाजार में 12% हिस्सेदारी का लक्ष्य

महिंद्रा-SML का बड़ा दांव, FY31 तक CV बाजार में 12% हिस्सेदारी का लक्ष्य

ट्रक-बाजार में महिंद्रा-SML की बड़ी छलांग, 2036 तक 20% शेयर का लक्ष्य

महिंद्रा एंड महिंद्रा और SML महिंद्रा ने भारत के कमर्शियल व्हीकल (CV) बाजार में अपनी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। दोनों कंपनियां वित्त वर्ष 2031 तक संयुक्त रूप से 10-12% बाजार हिस्सेदारी हासिल करना चाहती हैं। इसके बाद वित्त वर्ष 2036 तक हिस्सेदारी को 20% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। SML को महिंद्रा समूह में शामिल किए जाने के बाद दोनों कंपनियों का संयुक्त कारोबार अब देश के कमर्शियल व्हीकल बाजार में करीब 7.2% हिस्सेदारी रखता है। अधिग्रहण से पहले महिंद्रा ट्रक एंड बस और SML की हिस्सेदारी करीब 3-3% थी।

महिंद्रा ट्रक्स एंड बस के प्रेसिडेंट और SML महिंद्रा के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन विनोद सहाय ने कहा कि 10-12% हिस्सेदारी पहला बड़ा लक्ष्य है। कंपनी इस दिशा में पूरी तरह केंद्रित है। इसके बाद 2036 तक 20% हिस्सेदारी हासिल करने की योजना है। भारत में जिन ट्रक और बस सेगमेंट को कंपनी टारगेट कर रही है, उसका बाजार करीब 1.2 लाख ट्रकों का है और इसमें विकास की काफी संभावनाएं हैं।

SML के एकीकरण से महिंद्रा को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, खरीद, मैन्युफैक्चरिंग और आफ्टर-सेल्स में बड़ी बचत की उम्मीद है। कंपनी अब साझा प्लेटफॉर्म रणनीति पर आगे बढ़ रही है, लेकिन महिंद्रा और SML दोनों ब्रांड की अलग पहचान बरकरार रखी जाएगी। कंपनी संयुक्त वेंडर नेटवर्क का इस्तेमाल कर खरीद लागत घटाने और वैल्यू इंजीनियरिंग का फायदा उठाने की भी तैयारी कर रही है। डीलर नेटवर्क को भी एक-दूसरे के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। जहां किसी एक ब्रैंड की मजबूत मौजूदगी है, वहां दूसरे ब्रैंड के उत्पादों की बिक्री और सर्विस का विकल्प भी प्रदर्शन और जरूरत के आधार पर दिया जा सकता है। एकीकरण के बाद SML का सर्विस नेटवर्क करीब 300 वर्कशॉप से बढ़कर 475 हो गया है।

फ्लीट ऑपरेटर अब सिर्फ वाहन की खरीद कीमत और दोबारा बिक्री की कीमत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ ग्राहक अब 8-10 साल तक की वारंटी और मेंटेनेंस पैकेज भी मांग रहे हैं।

महिंद्रा ने अपने व्हीकल डायग्नोस्टिक्स सिस्टम की भविष्यवाणी क्षमता भी बढ़ाई है।कंपनी करीब 80,000 ट्रकों से मिल रहे टेलीमैटिक्स डेटा के आधार पर अलग-अलग उपयोग के लिए एप्लीकेशन-स्पेसिफिक सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्टतैयार करने की दिशा में भी बढ़ रही है। महिंद्रा-SML इलेक्ट्रिक बस बाजार में भी उतरने की तैयारी कर रही है। हालांकि कंपनी का शुरुआती फोकस स्टाफ और स्कूल ट्रांसपोर्ट पर रहेगा। कंपनी ने पिछले साल करीब 15,000 बसें बेची थीं और उसे उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च के कुछ वर्षों के भीतर कुल बिक्री में कम से कम 10% योगदान दे सकती हैं।