कागज दुरुस्त, लेकिन सड़क पर नियमों की अनदेखी! गलत पार्किंग से बढ़ी मुश्किलें
दिल्ली की सड़कों पर प्राइवेट बसों की ट्रैफिक नियमों की अनदेखी लगातार बढ़ रही है। 2026 के पहले नौ महीनों में प्राइवेट बसों के खिलाफ कुल 44,484 चालान किए गए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 22% अधिक हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि गलत जगह पार्किंग से जुड़े मामलों में तेज उछाल आया है।
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, प्राइवेट बसों द्वारा अनुचित पार्किंग और कानूनी निर्देशों का पालन नहीं करने के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वहीं, परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा से जुड़े उल्लंघनों में कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव पार्किंग से जुड़े उल्लंघनों में देखने को मिला है। प्राइवेट बसों के गलत तरीके से पार्क करने के मामले दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। इससे दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का दूसरा पहलू भी सामने आया है। परमिट, वाहन फिटनेस, प्रदूषण और इंश्योरेंस से संबंधित उल्लंघनों में गिरावट दर्ज की गई। यानी बसों से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेजों और वैधानिक शर्तों के पालन में स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
चालानों में यह बढ़ोतरी दिल्ली में प्राइवेट बस ऑपरेटरों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। अब सिर्फ वाहन के कागजात दुरुस्त रखना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पार्किंग, ट्रैफिक पुलिस के निर्देश और सड़क पर संचालन के नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में प्राइवेट बसों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई का फोकस अब सड़क पर व्यवहार और ट्रैफिक अनुशासन पर भी तेजी से बढ़ रहा है
