• 30 हजार तक रुपये इंसेंटिव और टैक्स छूट, दिल्ली में EV की बढ़ी डिमांड
• पुरानी गाड़ी स्क्रैप करो, EV खरीदो और पाओ बड़ा फायदा
• अब तक 4.8 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली
दिल्ली की 2026 इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को लागू हुए करीब तीन महीने में ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 5,678 इंसेंटिव आवेदन मिल चुके हैं। इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की है। सरकार अब तक 1,664 आवेदनों को प्रोसेस कर ₹4.8 करोड़ की इंसेंटिव राशि जारी कर चुकी है।
दिल्ली EV Policy 2026 को 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 5,678 आवेदनों में से 5,621 आवेदन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए आए हैं। यानी कुल आवेदनों का लगभग पूरा हिस्सा इसी सेगमेंट का है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए पहले साल में ₹30,000 तक का इंसेंटिव दिया जा रहा है। दूसरे साल यह राशि घटकर ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 हो जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दोपहिया सेगमेंट में ₹4.6 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। कुल 5,678 आवेदनों में से 4,014 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।
पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल ₹50,000, दूसरे साल ₹40,000 और तीसरे साल ₹30,000 का इंसेंटिव मिलेगा।
इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को भी बड़ा फायदा दिया गया है। ₹30 लाख तक कीमत वाली पात्र इलेक्ट्रिक EV खरीदने और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी दिया जा रहा है। पात्र BS-IV या उससे पुराने यात्री वाहनों को स्क्रैप करने पर ₹1 लाख तक का इंसेंटिव मिल सकता है। वहीं BS-IV या उससे पुराने दोपहिया वाहनों को स्क्रैप कर नया EV खरीदने पर ₹10,000 का इंसेंटिव है। अब तक 41 नए EV खरीदारों को पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर इंसेंटिव मिल चुका है।
