नई दिल्ली। इंडियन व्हीकल्स मार्केट ने जुलाई 2026 में बिक्री का नया रिकॉर्ड बना दिया और घरेलू बाजार में कार, उपयोगिता वाहन तथा वैन समेत यात्री वाहनों की थोक बिक्री 34.3 प्रतिशत उछलकर 4,57,810 इकाई पर पहुंच गई, जबकि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की सभी प्रमुख श्रेणियों में भी दहाई अंक की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
पिछले सितंबर से जारी तेजी ने बनाया नया रिकॉर्ड
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के मुताबिक, घरेलू वाहन बाजार में पिछले वर्ष सितंबर से शुरू हुई तेजी जुलाई 2026 में भी जारी रही। यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया—तीनों प्रमुख श्रेणियों में मजबूत मांग के कारण जुलाई की थोक बिक्री ने नया मासिक रिकॉर्ड बनाया। थोक बिक्री का मतलब वाहन कंपनियों की ओर से वितरकों और डीलरों को भेजी गई गाड़ियों से है।
4.57 लाख यात्री वाहनों की बिक्री
जुलाई 2026 में घरेलू बाजार में कुल 4,57,810 यात्री वाहन बेचे गए। इनमें यात्री कारें, उपयोगिता वाहन और वैन शामिल हैं। एक साल पहले के मुकाबले इस श्रेणी की बिक्री में 34.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह उछाल बताता है कि घरेलू बाजार में निजी वाहनों की मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनियां आगामी त्योहारी मौसम से पहले डीलरों के पास पर्याप्त भंडार पहुंचा रही हैं।
दोपहिया बिक्री 19.23 लाख के पार
देश के सबसे बड़े वाहन वर्ग दोपहिया वाहनों में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई में कुल 19,23,484 दोपहिया वाहन बेचे गए, जो पिछले साल के मुकाबले 22.6 प्रतिशत अधिक हैं। इस बढ़ोतरी में मोटरसाइकिल और स्कूटर, दोनों की मजबूत मांग की अहम भूमिका रही।
10.74 लाख मोटरसाइकिलें बिकीं
जुलाई 2026 में घरेलू बाजार में 10,74,796 मोटरसाइकिलों की बिक्री हुई। एक साल पहले के मुकाबले मोटरसाइकिल बिक्री में 20.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मोटरसाइकिलों की मांग को ग्रामीण और अर्धशहरी बाजारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस श्रेणी में दोहरे अंक की वृद्धि उपभोक्ता मांग में सुधार का संकेत देती है।
स्कूटरों की बिक्री में 23.7 प्रतिशत उछाल
स्कूटर बाजार ने मोटरसाइकिलों से भी तेज वृद्धि दर्ज की। जुलाई में कुल 7,98,190 स्कूटर बेचे गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.7 प्रतिशत अधिक हैं। शहरी आवाजाही और दैनिक उपयोग के लिए स्कूटरों की बढ़ती मांग ने इस श्रेणी को मजबूती दी।
मोपेड बिक्री में सबसे तेज 48.6 प्रतिशत वृद्धि
दोपहिया वाहनों में मोपेड की बिक्री संख्या भले मोटरसाइकिल और स्कूटर से कम रही, लेकिन वृद्धि दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई। जुलाई में 50,497 मोपेड बेचे गए। यह एक साल पहले के मुकाबले 48.6 प्रतिशत की वृद्धि है।
तिपहिया बाजार ने भी पकड़ी रफ्तार
तिपहिया वाहनों की घरेलू बिक्री जुलाई में 92,560 इकाई रही। इस श्रेणी में सालाना आधार पर 33.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यात्री और माल परिवहन से जुड़े तिपहिया वाहनों की बढ़ी मांग ने इस वर्ग की बिक्री को सहारा दिया।
यात्री तिपहिया की बिक्री 77,994 इकाई
यात्रियों को लाने-ले जाने वाले तिपहिया वाहनों की बिक्री 32.9 प्रतिशत बढ़कर 77,994 इकाई पर पहुंच गई। यह आंकड़ा स्थानीय और कम दूरी के सार्वजनिक परिवहन में तिपहिया वाहनों की मजबूत मांग को दिखाता है।
मालवाहक तिपहिया में 40.3 प्रतिशत वृद्धि
छोटे कारोबार और अंतिम छोर तक सामान पहुंचाने में इस्तेमाल होने वाले मालवाहक तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी तेज उछाल आया। जुलाई में कुल 12,896 मालवाहक तिपहिया बेचे गए, जो पिछले साल के मुकाबले 40.3 प्रतिशत अधिक हैं।
ई-रिक्शा और ई-कार्ट की मांग भी बढ़ी
बिजली से चलने वाले तिपहिया वाहनों में भी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया। जुलाई में 1,132 ई-रिक्शा बेचे गए और उनकी बिक्री में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं ई-कार्ट की बिक्री 16.2 प्रतिशत बढ़कर 538 इकाई पर पहुंच गई।
तीनों प्रमुख श्रेणियों में दहाई अंक की वृद्धि
सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि जुलाई में यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया—तीनों श्रेणियों में दहाई अंक की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई है। उनके मुताबिक, वाहन बाजार में सकारात्मक रफ्तार पिछले कुछ समय से बनी हुई है और अब उद्योग को आगामी त्योहारी मौसम से भी काफी उम्मीदें हैं। रक्षाबंधन, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों से पहले वाहन कंपनियां आमतौर पर उत्पादन और डीलरों को आपूर्ति बढ़ाती हैं। सियाम को उम्मीद है कि त्योहारी मौसम में ग्राहकों की धारणा मजबूत रहेगी और वाहन खरीदारी की रफ्तार आगे भी जारी रह सकती है।
