10 हजार से कम वाले मोबाइल की बिक्री 74% धड़ाम, 30-50 हजार वाले फोन की बल्ले-बल्ले

10 हजार से कम वाले मोबाइल की बिक्री 74% धड़ाम, 30-50 हजार वाले फोन की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। 9,000-10,000 रुपये से कम कीमत वाले फोन का बाजार 74.3 फीसदी तक ढह गया है। IDC के मुताबिक अप्रैल-जून 2026 में भारत में सिर्फ 3.32 करोड़ स्मार्टफोन भेजे गए, जो पिछले साल की इसी अवधि से 11.1 फीसदी कम हैं। इसके साथ ही 2026 की पहली छमाही में स्मार्टफोन शिपमेंट 7.9 फीसदी घटकर 6.42 करोड़ यूनिट रह गई। यह पिछले 5 साल में पहली छमाही का सबसे कमजोर प्रदर्शन है।सस्ते फोन की बिक्री इसलिए नहीं गिरी कि लोगों ने उन्हें खरीदना बंद कर दिया। असल वजह यह है कि मेमोरी और दूसरे कंपोनेंट महंगे होने से कंपनियों के लिए बेहद सस्ते फोन बनाना मुश्किल हो गया है।

IDC के आंकड़ों के मुताबिक 100 डॉलर यानी करीब ₹9,000 तक के स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 15.6 फीसदी से घटकर सिर्फ 4.5 फीसदी रह गई है। सस्ते फोन गायब होने के बाद ग्राहक थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं। 100 से 200 डॉलर यानी करीब ₹9,000 से ₹18,000 वाला सेगमेंट अब भारतीय बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा है और इसकी हिस्सेदारी 46.8 फीसदी है।जो ग्राहक पहले 8-10 हजार रुपये में फोन खरीद लेते थे, उन्हें अब उससे ऊपर के बजट में जाना पड़ सकता है।

इंडियन स्मार्टफोन मार्केट में दूसरी तरफ महंगे फोन तेजी से बढ़ रहे हैं। 400 से 600 डॉलर यानी करीब ₹36,000 से ₹54,000 वाले फोन की शिपमेंट 60.3 फीसदी बढ़ी है बाजार हिस्सेदारी भी 4.8 फीसदी से बढ़कर 8.6 फीसदी हो गई। भारत में कम फोन बिक रहे हैं, लेकिन जो फोन बिक रहे हैं उनकी औसत कीमत काफी ज्यादा है। Vivo 18.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पहले नंबर पर है। Samsung 16.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। Apple की हिस्सेदारी भी पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 8.5 फीसदी हो गई है। हालांकि दूसरी तिमाही में Apple छठे स्थान पर रहा, लेकिन उसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ना खास बात है। IDC के अनुसार 2026 की पहली छमाही में iPhone 17 भारत में सबसे ज्यादा शिप हुआ स्मार्टफोन मॉडल रहा।


स्मार्टफोन की ऑनलाइन बिक्री में भी बड़ी गिरावट आई है। ऑनलाइन चैनल की शिपमेंट 19.8 फीसदी घट गई और बाजार हिस्सेदारी 46.4 फीसदी से गिरकर 41.9 फीसदी रह गई। इसके मुकाबले ऑफलाइन बिक्री में सिर्फ 3.6 फीसदी गिरावट आई। सस्ते फोन और भारी ऑनलाइन डिस्काउंट कम होने से ई-कॉमर्स को ज्यादा नुकसान हुआ है। IDC के मुताबिक 2026 की दूसरी छमाही में भी कीमतों का दबाव बना रह सकता है। EMI, बैंक ऑफर और पुराने फोन के बदले एक्सचेंज जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं। अगर इनसे ग्राहकों का बोझ कम हुआ तो महंगे फोन की बिक्री जारी रह सकती है।