AI की पावर, फाइबर का कारोबार! HFCL और Sterlite को करोड़ों के ऑर्डर, मुनाफे का तूफान

AI की पावर, फाइबर का कारोबार! HFCL और Sterlite को करोड़ों के ऑर्डर, मुनाफे का तूफान

• AI डेटा सेंटरों के बढ़ते कारोबार से खुल सकते हैं कमाई के नए रास्ते

• AI की रेस में देसी कंपनियों की एंट्री! ₹64,000 करोड़ के ऑर्डर से बढ़ीं उम्मीदें

• HFCL ने मुनाफे में मारी लंबी छलांग! 448% की उछाल, ऑर्डर बुक ₹28,911 करोड़

• Sterlite ने मचाया कारोबार में गदर! ₹4 करोड़ से ₹517 करोड़ पहुंचा मुनाफा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटरों में तेज इंटरनेट और बड़ी मात्रा में डेटा भेजने की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इसी बदलाव से ऑप्टिकल फाइबर बनाने वाली भारतीय कंपनियों HFCL और Sterlite Technologies (STL) को बड़ा कारोबारी मौका मिल रहा है। दोनों कंपनियों के पास मिलाकर करीब ₹64,185 करोड़ के ऑर्डर हैं। HFCL ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में ₹394.2 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो एक साल पहले के मुकाबले करीब 448% ज्यादा है। वहीं, Sterlite Technologies का शुद्ध मुनाफा ₹4 करोड़ से बढ़कर ₹517 करोड़ पहुंच गया, जिसमें ₹161 करोड़ का एकमुश्त लाभ भी शामिल है।

AI से जुड़े कामों के लिए बड़े-बड़े डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। इन सेंटरों में हजारों शक्तिशाली कंप्यूटर और GPU मिलकर काम करते हैं। इन्हें आपस में जोड़ने और भारी मात्रा में डेटा तेजी से भेजने के लिए मजबूत नेटवर्क की जरूरत होती है। ऑप्टिकल फाइबर रोशनी की मदद से डेटा भेजता है और बहुत तेज रफ्तार से बड़ी मात्रा में जानकारी पहुंचाने में मदद करता है।

HFCL ऑप्टिकल फाइबर केबल, नेटवर्क कनेक्टिविटी और टेलीकॉम से जुड़े उपकरण बनाती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अंत में HFCL की कुल ऑर्डर बुक ₹28,911 करोड़ बताई गई है। इस ऑर्डर बुक में ऑप्टिकल फाइबर केबल और डेटा सेंटर कनेक्टिविटी की हिस्सेदारी करीब 64% है। HFCL का लक्ष्य 2026-27 में इस कारोबार से ₹800 करोड़ की आय जुटाना है।

Sterlite Technologies (STL) ऑप्टिकल फाइबर, केबल और नेटवर्क कनेक्टिविटी समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी के विनिर्माण संयंत्र उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में हैं।  वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के अंत में Sterlite Technologies की ऑर्डर बुक ₹35,274 करोड़ तक पहुंच गई। Sterlite के राजस्व में उत्तरी अमेरिका की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यूरोप की हिस्सेदारी 21% और बाकी दुनिया की हिस्सेदारी 18% बताई गई है।  Sterlite Technologies का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के ₹4 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में ₹517 करोड़ हो गया।

भारत की डेटा सेंटर क्षमता 1.6 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 6 से 10 गीगावाट तक पहुंच सकती है। Meta, Reliance, Adani Group और Google जैसी कंपनियों के निवेश से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिल सकता है। अगर भारत में डेटा सेंटरों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ता है, तो ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्क उपकरण बनाने वाली कंपनियों को घरेलू बाजार में भी नए अवसर मिल सकते हैं। HFCL और Sterlite Technologies के पास AI और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग से कारोबार बढ़ाने का अवसर है।