• कंपनियों को उम्मीद, त्योहारों के मौसम में आएगी बहार, शोरूम्स पर उमड़ेगी भीड़
• नई लॉन्चिंग, कम स्टॉक और त्योहार… ऑटो सेक्टर के लिए गोल्डन टाइम शुरू
छोटी कारों से लेकर लग्जरी SUV तक… हर सेगमेंट में बढ़ रही मांग
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत जबरदस्त रफ्तार के साथ की है और अब दूसरी तिमाही में भी यही रफ्तार बरकरार रहने के संकेत मिल रहे हैं। पहली तिमाही में पैसेंजर वाहनों (कारों) की थोक बिक्री करीब 23 फीसदी बढ़ी, जबकि दोपहिया और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि ओणम, गणेश चतुर्थी, नवरात्र और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान वाहन खरीदने का चलन बढ़ जाता है। डीलरों के पास फिलहाल गाड़ियों का सीमित स्टॉक है। कंपनियां कई नई कारें व एसयूवी लॉन्च करने जा रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता भी बिक्री को रफ्तार दे रही है। हालांकि महंगाई, ब्याज दरों में बदलाव और ग्लोबल हालात जैसी चुनौतियां अभी मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल भारतीय ऑटो बाजार का माहौल काफी उत्साहजनक है। आने वाले महीनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गाड़ियों की बिक्री सिर्फ इसलिए नहीं बढ़ी क्योंकि पिछले साल बिक्री कम थी, बल्कि लोग वास्तव में ज्यादा वाहन खरीद रहे हैं। कंपनियों ने महंगे कच्चे माल, सप्लाई चेन की दिक्कतों और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के बावजूद उत्पादन और बिक्री अच्छी तरह जारी रखी।
छोटी और सस्ती कारों के सेगमेंट की फिर से तेजी आ रही है। पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है। कंपनियां भी कम कीमत वाली कारों पर दोबारा जोर दे रही हैं। SUV का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। आज ज्यादातर ग्राहक ज्यादा फीचर्स, दमदार लुक, ऊंची सीटिंग और आरामदायक ड्राइविंग वाली गाड़ियां पसंद कर रहे हैं। सभी बड़ी ऑटो कंपनियां अपनी नई गाड़ियां SUV सेगमेंट में लॉन्च कर रही हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब हर 100 नई पैसेंजर गाड़ियों में करीब 7 से 8 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं, जबकि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में लगभग हर दो में से एक वाहन इलेक्ट्रिक हो चुका है। बेहतर बैटरी, एक बार चार्ज करने पर ज्यादा दूरी तय करने की क्षमता, लंबी वारंटी और तेजी से बढ़ते चार्जिंग स्टेशन लोगों का भरोसा बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल भारत में करीब तीन लाख इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हो सकती है।
