रॉकेट की रफ्तार से दौड़ा इंडियन ऑटो मार्केट, अप्रैल 2026 में 26 लाख+ गाड़ियां बिकीं

नई दिल्ली: अप्रैल 2026 में इंडियन ऑटो मार्केट ने जबरदस्त धमाका करते हुए रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है। नए वित्त वर्ष FY27 की शुरुआत ऑटो इंडस्ट्री के लिए बेहद शानदार रही है, जहां पैसेंजर व्हीकल, SUV, टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल, हर सेगमेंट में ताबड़तोड़ ग्रोथ देखने को मिली।

गांवों से बढ़ती मांग, स्थिर ब्याज दरें और ग्राहकों के मजबूत भरोसे ने बाजार को रॉकेट जैसी रफ्तार दे दी है। अप्रैल में 26 लाख से ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई, जिससे यह महीना ऑटो बाजार के लिए सुपरहिट साबित हुआ। दुनिया के कई देशों में ऑटो सेक्टर सुस्ती का सामना कर रहा है, लेकिन भारत का बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। खासतौर पर SUVs का जलवा बरकरार है और भारतीय ग्राहक बड़ी गाड़ियों को सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

ऑटो कंपनियों की बिक्री में आई इस हाई वोल्टेज ग्रोथ ने संकेत दे दिए हैं कि FY27 इंडियन ऑटो इंडस्ट्री के लिए नया रिकॉर्ड बनाने वाला साल साबित हो सकता है। मार्च में रिकॉर्ड बिक्री होने के बावजूद अप्रैल में पैसेंजर व्हीकल होलसेल 4.4 से 4.5 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। आमतौर पर मार्च के मुकाबले अप्रैल में बिक्री 7 से 8 प्रतिशत तक गिरती है, लेकिन इस बार गिरावट सिर्फ 1 से 2 प्रतिशत रही। स्थिर आर्थिक माहौल, नियंत्रित महंगाई, ब्याज दरों में स्थिरता और ईंधन कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव न होने से ग्राहकों का भरोसा मजबूत बना रहा। मिनी और कॉम्पैक्ट कारों की बिक्री में तेज वापसी हुई है, खासकर Maruti Suzuki को इसका बड़ा फायदा मिला। वहीं SUVs की बाजार में उनकी हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

FADA के वाइस प्रेसिडेंट साई गिरिधर ने बताया कि अप्रैल 2026 में 26.1 लाख वाहनों की बिक्री हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि FY27 में भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार 50 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर सकता है। अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती हैं तो EV, CNG और हाइब्रिड वाहनों की मांग और तेजी से बढ़ेगी। भारतीय ग्राहक रनिंग कॉस्ट को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं, इसलिए कम खर्च वाले विकल्पों की ओर तेजी से रुख कर सकते हैं। गिरिधर ने कहा कि EV अपनाने के लिए प्रतिबंध नहीं बल्कि इंसेंटिव ज्यादा प्रभावी होंगे।