Ola Electric का बड़ा कमाल! INDIA में बनी बैटरी सेल को BIS सर्टिफिकेट

Ola Electric का बड़ा कमाल! INDIA में बनी बैटरी सेल को BIS सर्टिफिकेट

अब बैटरी टेक्नोलॉजी में भी आत्मनिर्भर भारत, Ola का बड़ा दावा

भारत की इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को बड़ा बल देते हुए Ola Electric ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की सहायक इकाई Ola Cell Technologies (OCT) को उसकी स्वदेशी रूप से विकसित 46100 LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी सेल के लिए BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) सर्टिफिकेशन मिल गया है। Ola Electric ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। इलेक्ट्रिक स्कूटर और कारों की सबसे महत्वपूर्ण चीज बैटरी होती है। अब तक भारत काफी हद तक विदेशी बैटरी तकनीक और आयातित सेल्स पर निर्भर रहा है। Ola की यह सफलता देश को बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

कंपनी के अनुसार इस 46100 LFP सेल ने सुरक्षा, मजबूती और प्रदर्शन से जुड़े कई कठिन परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इनमें थर्मल एब्यूज, शॉर्ट सर्किट, वाइब्रेशन, क्रश, फ्री फॉल, मैकेनिकल शॉक और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परीक्षण शामिल हैं। इन सभी जांचों के बाद ही बैटरी को BIS की मंजूरी मिली।

Ola का दावा है कि नई LFP बैटरी सेल 170 Wh/kg से अधिक ऊर्जा घनत्व प्रदान करती है और इसे 4,000 से अधिक चार्ज-डिस्चार्ज साइकल तक उपयोग करने की दिशा में विकसित किया गया है। भविष्य में EV वाहनों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और कम लागत वाला बैटरी समाधान मिल सकता है। कंपनी पहले से ही अपनी 4680 Bharat Cell तकनीक पर काम कर रही है और उसके हजारों बैटरी सेल भारतीय सड़कों पर चल रहे वाहनों में इस्तेमाल हो रहे हैं। अब 46100 LFP सेल के जुड़ने से Ola का बैटरी पोर्टफोलियो और मजबूत हो गया है।

तमिलनाडु स्थित Ola की गीगाफैक्ट्री और बेंगलुरु का बैटरी इनोवेशन सेंटर इस परियोजना की रीढ़ माने जाते हैं। कंपनी का लक्ष्य केवल इलेक्ट्रिक वाहन बनाना नहीं, बल्कि बैटरी तकनीक से लेकर निर्माण तक पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में बड़े पैमाने पर बैटरी सेल निर्माण सफल होता है, तो EV की कीमतें कम हो सकती हैं, आयात पर निर्भरता घटेगी और देश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकेगा। Ola की यह उपलब्धि उसी सफर का एक अहम पड़ाव मानी जा रही है।