ऑटो डीलर्स की राय: JSW MG, Royal Enfield और Ashok Leyland बने डीलर संतुष्टि में नंबर 1

ऑटो डीलर्स की राय: JSW MG, Royal Enfield और Ashok Leyland बने डीलर संतुष्टि में नंबर 1

नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने अपने वार्षिक डीलर संतुष्टि अध्ययन (DSS) 2025 के नतीजे जारी कर दिए हैं। यह अध्ययन ऑटोमोबाइल डीलरों और वाहन बनाने वाली कंपनियों (OEMs) के बीच संबंधों को समझने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। इस साल के सर्वे में JSW MG मोटर (4-पहिया यात्री वाहन), Royal Enfield (2-पहिया वाहन), Ashok Leyland (कमर्शियल वाहन), Atul Auto (3-पहिया वाहन) और Volvo Cars (लक्जरी कारें) को उनके सेगमेंट में डीलर संतुष्टि के मामले में सबसे अच्छा पाया गया है।

डीलर संतुष्टि पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ

FADA के अध्यक्ष, श्री सी. एस. विग्नेश्वर ने बताया कि इस साल का सर्वे पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा और गहरा था। इसमें देश भर के 1,800 से अधिक डीलरों से नौ अलग-अलग भाषाओं में प्रतिक्रिया ली गई, ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझा जा सके। विग्नेश्वर ने इस बात पर जोर दिया कि जहाँ एक ओर भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग बेहतरीन क्वालिटी के वाहन बना रहा है, वहीं डीलरों के मुनाफे और नीतियों से जुड़ी समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। डीलर्स को GST में राहत मिलने के बाद, उनकी मांग है कि कंपनियां भी उनके लिए उचित मार्जिन, बेहतर नीतियां और फैसलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें, खासकर आने वाले त्योहारी सीज़न से पहले।

प्रेमोनएशिया के निदेशक और सीओओ राहुल शर्मा ने भी डीलरों की चिंताओं को उजागर किया। उन्होंने बताया कि सर्वे में 66% डीलरों की असंतुष्टि का कारण ‘बिक्री के बाद की सेवा’ और ‘व्यापार में लाभ’ से जुड़े मुद्दे हैं। इन मुद्दों में इन्वेंट्री का खर्च, वापस नहीं बिकने वाले माल की नीतियां और ट्रेनिंग के लिए पैसों का बंटवारा शामिल है। शर्मा का मानना है कि कंपनियों को डीलरों के साथ मिलकर ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो कंपनी के मानकों और डीलरों की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखें।

सेगमेंट-वार प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण

4-पहिया यात्री वाहन (4W Mass): JSW MG 868 अंकों के साथ लगातार टॉप पर बना हुआ है। यह दिखाता है कि कंपनी अपने डीलरों के साथ मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते बनाए रखने में कामयाब रही है।
2-पहिया वाहन (2W): रॉयल एनफील्ड ने 852 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि हीरो मोटोकॉर्प भी दूसरे स्थान पर रहा। इन दोनों कंपनियों ने पिछले साल की तुलना में अपने स्कोर में 140 से अधिक अंकों का सुधार किया है, जो उद्योग में सबसे बड़ा सुधार है। इससे पता चलता है कि वे अपने डीलरों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं।
वाणिज्यिक वाहन (CV): अशोक लीलैंड ने 786 अंकों के साथ अपनी लीडरशिप बनाए रखी, जबकि टाटा मोटर्स CV ने भी अच्छा सुधार दिखाया। डीलर्स इन कंपनियों के उत्पादों की विश्वसनीयता और समय पर वाहनों की आपूर्ति को सराहते हैं।
3-पहिया वाहन (3W): तीन साल बाद इस सेगमेंट को सर्वे में शामिल किया गया, और अतुल ऑटो ने 924 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
लक्ज़री कारें (4W Luxury): वोल्वो कार्स 884 अंकों के साथ इस श्रेणी में सबसे आगे रही।

चुनौतियाँ और सुझाव

सर्वे में यह भी पाया गया कि चार पहिया यात्री वाहन और कमर्शियल वाहन के डीलरों की संतुष्टि पिछले साल की तुलना में कम हुई है। वे मुख्य रूप से मुनाफे की कमी, ट्रेनिंग के खर्च, और बिना बिके माल को वापस लेने की नीतियों को लेकर चिंतित हैं। डीलर्स चाहते हैं कि कंपनियों को इन मुद्दों पर अधिक स्पष्ट और सहायक होना चाहिए ताकि वे लंबे समय तक व्यापार में बने रह सकें। कुल मिलाकर, यह सर्वे एक महत्वपूर्ण संदेश देता है: ग्राहकों को अच्छी गाड़ियां देना काफी नहीं है, बल्कि कंपनियों को अपने डीलरों के साथ भी एक मजबूत और सहायक साझेदारी बनानी होगी ताकि पूरा इकोसिस्टम सही से काम कर सके।