नई दिल्ली : देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। अब लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म BLive ने अगले दो वर्षों में 1,000 इलेक्ट्रिक मिनी-ट्रक तैनात करने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को तेजी से इलेक्ट्रिक बनाना है।इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत बेंगलुरु से होगी, जिसके बाद इसका विस्तार दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में किया जाएगा। बढ़ती ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स सेवाओं के कारण डिलीवरी वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है और BLive इसी अवसर को भुनाने की तैयारी में है।
कंपनी ने इस विस्तार को गति देने के लिए BLive PRIME नाम से एक नया चार-पहिया फ्रेंचाइजी मॉडल भी लॉन्च किया है। इसके तहत निवेशक इलेक्ट्रिक मिनी-ट्रकों का बेड़ा खरीद सकते हैं, जबकि उनके संचालन, रखरखाव और उपयोग की पूरी जिम्मेदारी BLive संभालेगी। इस मॉडल में निवेश की शुरुआती राशि 50 लाख रुपये रखी गई है। BLive का मानना है कि भारत में EV अपनाने का अगला बड़ा चरण कमर्शियल वाहनों से आएगा। खासकर लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स में वाहनों का उपयोग नियमित और अधिक होता है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों का आर्थिक लाभ भी ज्यादा मिलता है। यही वजह है कि कंपनी इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है।
BLive के नेटवर्क में कई कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से Tata Ace EV का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी की सेवाएं पहले से ही Hyperpure, Porter और Delhivery जैसे बड़े लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी नेटवर्क के साथ जुड़ी हुई हैं। BLive के सह-संस्थापक और CEO Sandeep Mukherjee के अनुसार, भारत का EV बाजार अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहां बड़े पैमाने पर विकास कमर्शल उपयोग से होगा। कंपनी का नया मॉडल निवेशकों को EV एसेट्स का मालिक बनने का मौका देगा, जबकि बढ़ती लॉजिस्टिक्स मांग से उनकी आय सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। BLive की यह 100 करोड़ रुपये की योजना न केवल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते डिलीवरी इकोसिस्टम को भी हरित और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
