1.74 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जून बना EV इंडस्ट्री का सुपरहिट महीना
ऐसी दीवानगी देखी नहीं कभी, कंपनियां इलेक्ट्रिक स्कूटर की डिमांड पूरी करने में फेल
बंपर डिमांड, 45-60 दिन तक का वेटिंग पीरियड शुरू
भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (e2W) बाजार अब ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। जून 2026 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी पहली बार 10 फीसदी के करीब पहुंच गई है, जो भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में तेजी से बदलती तस्वीर का बड़ा संकेत है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर बनी चिंता, सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं, राज्यों की नई EV नीतियां और ग्राहकों का तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ता रुझान इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आया है। मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि कई कंपनियां समय पर वाहन उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटरों पर लंबा वेटिंग पीरियड चल रहा है।
बाजार में सबसे बड़ी चुनौती अब मांग नहीं, बल्कि सप्लाई बन गई है। कई वाहन निर्माता कंपनियां ग्राहकों की बढ़ती मांग के सामने उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए तेजी से निवेश कर रही हैं। Ather Energy के लोकप्रिय Rizta स्कूटर पर कई शहरों में 45 से 60 दिन तक का वेटिंग पीरियड चल रहा है। कंपनी के शोरूम पर सामान्य तौर पर जहां लगभग 30 दिन का स्टॉक रहता था, वहां अब केवल चार दिन का स्टॉक बचा है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार जनवरी 2026 में बाजार करीब 1.24 लाख यूनिट का था, मार्च में यह बढ़कर 1.92 लाख यूनिट तक पहुंच गया। जून में बिक्री 1.74 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।केंद्र सरकार की PM eDRIVE योजना और कई राज्य सरकारों की नई EV नीतियां ग्राहकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए आकर्षित कर रही हैं। केवल एक साल में बाजार ने 50 फीसदी से ज्यादा की शानदार वृद्धि दर्ज की है।
जून में TVS Motor Company करीब 44 हजार यूनिट और 25 फीसदी से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ नंबर-1 रही। Bajaj Auto ने 39 हजार से ज्यादा यूनिट बेचकर दूसरा स्थान हासिल किया। Ather Energy ने 28 हजार से अधिक यूनिट बेचीं, हालांकि उसका बाजार हिस्सा घटकर करीब 16.5 फीसदी रह गया। Hero MotoCorp करीब 20 हजार यूनिट और 11 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी के साथ मजबूत स्थिति में रही। Ola Electric ने लगातार अपनी स्थिति बेहतर करते हुए जून में करीब 15 हजार यूनिट की बिक्री और 8 फीसदी से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी हासिल की। वहीं Greaves Electric के Ampere ब्रांड ने 10 हजार से अधिक यूनिट बेचकर 5.6 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल की। कंपनी की बिक्री महीने-दर-महीने 41 फीसदी और सालाना आधार पर लगभग दोगुनी रही।
