E20 पेट्रोल पर सरकार और कंपनियों का दावा-कार के इंजन को नुकसान नहीं

E20 पेट्रोल पर सरकार और कंपनियों का दावा-कार के इंजन को नुकसान नहीं

2023 से पहले बनी E10 कारों पर E20 Fuel सुरक्षित, टेस्ट में नहीं मिली कोई दिक्कत

E20 पेट्रोल से न जंग, न घिसावट, न इंजन डैमेज! एक्सपर्ट्स का बड़ा बयान

क्या E20 पेट्रोल डालने से आपकी पुरानी कार या बाइक का इंजन खराब हो जाएगा? क्या फ्यूल पाइप में जंग लग जाएगी? क्या गाड़ी की उम्र कम हो जाएगी? पिछले कई महीनों से देशभर में करोड़ों वाहन मालिकों के बीच यही सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में थे। अब इन तमाम आशंकाओं पर सरकार और देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने लगभग ‘फुल एंड फाइनल’ जवाब दे दिया है।

सरकारी ब्रीफिंग में ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गजों ने साफ कहा कि 2023 से पहले बनी E10-उपयुक्त (E10 Compatible) कारों और वाहनों पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी तरह के नुकसान का कोई प्रमाण नहीं मिला है। कंपनियों का दावा है कि व्यापक परीक्षणों में इंजन, फ्यूल सिस्टम, रबर पार्ट्स और धातु के पुर्जों में न असामान्य घिसावट मिली, न जंग और न ही वाहन की उम्र पर कोई नकारात्मक असर दिखाई दिया।

मारुति सुजुकी इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने बताया कि 2023 से पहले बाजार में बिकने वाले वाहन E10 मानक के अनुरूप थे, जबकि उसके बाद E20 के अनुरूप वाहन और ईंधन अनिवार्य किए गए। कंपनी ने पुराने E10-उपयुक्त मॉडलों को E20 पेट्रोल पर विभिन्न तकनीकी मानकों के आधार पर परखा और किसी भी स्तर पर ऐसी समस्या सामने नहीं आई, जिससे वाहन मालिकों को घबराने की जरूरत हो।

कंपनी का कहना है कि किसी भी वाहन को बाजार में उतारने से पहले उसे हजारों किलोमीटर की कठोर टेस्टिंग, अलग-अलग मौसम और ईंधन परिस्थितियों में जांच तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया जाता है। इसी वजह से E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन या उससे जुड़े पुर्जों पर प्रतिकूल असर की आशंका बेहद कम है।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने भी E20 को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन न केवल प्रदूषण कम करने में मदद करता है, बल्कि भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की पूर्व सीएमडी वर्तिका शुक्ला ने कहा कि E20 कार्यक्रम किसी जल्दबाजी का फैसला नहीं, बल्कि वर्षों के वैज्ञानिक अध्ययन, चरणबद्ध परीक्षण और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) समेत कई संस्थाओं की तकनीकी जांच के बाद लागू किया गया है। E20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वाहन मालिकों को हमेशा अपनी कंपनी की ओनर मैनुअल और आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए। यदि किसी बहुत पुराने या विशेष मॉडल के बारे में संशय हो, तो अधिकृत सर्विस सेंटर से जानकारी लेना बेहतर रहेगा।