2032 तक Hyundai का रोडमैप, 1.37 लाख करोड़ के निवेश से INDIA में बनेंगी ज्यादा कारें

2032 तक Hyundai का रोडमैप, 1.37 लाख करोड़ के निवेश से INDIA में बनेंगी ज्यादा कारें

• Hyundai-Kia का बढ़ेगा दम, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब

• R&D से लेकर EV चार्जिंग तक कई क्षेत्रों में15.5 अरब डॉलर का निवेश

ऑटो सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी, Hyundai के प्लान से सप्लायर कंपनियों को मिलेगा फायदा

• मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च को मिलेगी रफ्तार, भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को बूस्ट, रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद

नई दिल्ली: भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में Hyundai Motor Group बड़ा दांव लगाने जा रहा है। दक्षिण कोरिया की इस दिग्गज कंपनी ने 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर यानी करीब 1.37 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। इस भारी-भरकम निवेश से मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, नई ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी विकसित करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत को अपने प्रमुख ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है। इस पहल से ऑटो सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और भारतीय सप्लायर कंपनियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
Hyundai Motor Group के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसूंग चुंग ने 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसी दौरान भारत में कंपनी की भविष्य की विकास योजनाओं और निवेश पर चर्चा हुई। कंपनी के मुताबिक, भारत उसके वैश्विक कारोबार के सबसे अहम बाजारों में शामिल है। यह निवेश भारत के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
कंपनी भारत में Hyundai Motor India और Kia India की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ भारत से दूसरे देशों में वाहनों का निर्यात बढ़ाना है।
Hyundai Motor Group के मुताबिक, भारत में उसके विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता सालाना 14 लाख से अधिक वाहनों की है। इसमें चेन्नई स्थित Hyundai प्लांट की 8.24 लाख यूनिट, पुणे प्लांट की 1.70 लाख यूनिट और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में Kia प्लांट की 4.31 लाख यूनिट की क्षमता शामिल है। पुणे प्लांट की क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की भी योजना है।
Hyundai Motor Group अपने भारतीय R&D सेंटर और उससे जुड़े वाहन परीक्षण ट्रैक सहित अनुसंधान सुविधाओं पर करीब 700 मिलियन डॉलर निवेश करने की योजना बताई है।
निवेश का एक बड़ा हिस्सा भारतीय सप्लायर नेटवर्क को मजबूत करने और वाहनों के कलपुर्जों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा।
Hyundai Motor Group की योजना केवल कारों के उत्पादन तक सीमित नहीं है। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल फाइनेंसिंग और पुराने वाहनों की रिसाइक्लिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी अवसर तलाशेगी।
Hyundai Motor Group के भारत में फिलहाल 24,000 से अधिक कर्मचारी हैं। कंपनी के इस निवेश से मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, रिसर्च, सप्लाई चेन और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।