सड़क नहीं, सीधे रेस ट्रैक के लिए तैयार! 12.75 लाख तक की रेसिंग बाइक लॉन्च
· Ohvale GP-0 से GP-2 तक भारत में रेसिंग बाइक्स की नई पारी शुरू
Pirelli Slick Tyres से Quickshifter तक, Ohvale की बाइक्स में रेसिंग का पूरा तड़का
· Ohvale का स्पीड शो शुरू! भारत में आईं सर्किट राइडिंग के लिए खास मोटरसाइकिलें
इन बाइक्स को खास तौर पर सर्किट राइडिंग और राइडर ट्रेनिंग के लिए तैयार किया गया है। इनकी कीमत ₹7.30 लाख से शुरू होकर ₹12.75 लाख तक जाती है सबसे सस्ती Ohvale GP-0 110 Automatic है, जिसकी कीमत ₹7.30 लाख है। इसके बाद GP-0 160 4-Speed Race की कीमत 9.50 लाख रुपये है। GP-2 190 4-Speed Standard की कीमत 9.90 लाख रुपये, जबकि इसका Race वेरिएंट ₹12.75 लाख में आता है। मॉडल और रेसिंग हार्डवेयर के हिसाब से कीमत बढ़ती जाती है।भारत में Ohvale मोटरसाइकिलों के आधिकारिक इंपोर्टर HOM Auto Solutions ने GP-0 110 Automatic, GP-0 160 4-Speed और GP-2 190 4-Speed को बाजार में उतारा है।
Ohvale की इन बाइक्स को सामान्य सड़क पर चलने वाली मोटरसाइकिल की तरह नहीं, बल्कि रेस ट्रैक और ट्रेनिंग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कंपनी का लक्ष्य नए राइडर्स को ब्रेकिंग, थ्रॉटल कंट्रोल, कॉर्नरिंग और बॉडी पोजिशनिंग जैसी रेसिंग स्किल्स सीखने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म देना है। इनका कॉम्पैक्ट और रेसिंग-केंद्रित डिजाइन राइडर को बाइक के कंट्रोल और राइडिंग तकनीक पर ज्यादा फोकस करने में मदद करता है।
Ohvale की इस रेंज में एयर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर, फोर-स्ट्रोक इंजन दिए गए हैं। इनमें कार्बोरेटर फ्यूलिंग, रेसिंग एयर फिल्टर और ऑयल कूलर जैसे फीचर्स मिलते हैं। मॉडल के हिसाब से ऑटोमैटिक या 4-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है।
बाइक्स में स्टील ट्रेलिस फ्रेम और एल्युमिनियम स्विंगआर्म दिया गया है। सस्पेंशन सेटअप में अपसाइड-डाउन फ्रंट फोर्क्स और रियर पिगीबैक मोनोशॉक शामिल हैं। रेस वेरिएंट में पूरी तरह एडजस्टेबल 35mm OhRacing फ्रंट फोर्क्स मिलते हैं, जिससे ट्रैक पर राइडिंग के हिसाब से सस्पेंशन सेटअप किया जा सकता है।
Ohvale ने इन बाइक्स में Pirelli Diablo slick tyres दिए हैं। इसके अलावा एल्युमिनियम अलॉय व्हील्स और डिस्क ब्रेक भी मिलते हैं। फ्रंट में फोर-पिस्टन रेडियल कैलिपर और ब्रेडेड स्टील ब्रेक लाइन्स दी गई हैं। कुछ वेरिएंट में Brembo कंपोनेंट्स भी मिलते हैं।
कुछ रेस वेरिएंट में रेसिंग के लिए जरूरी हार्डवेयर को और बेहतर किया गया है। इनमें स्लिपर क्लच और इलेक्ट्रॉनिक क्विकशिफ्टर जैसे फीचर्स शामिल हैं। इससे गियर बदलने के दौरान राइडर को ट्रैक पर बेहतर कंट्रोल मिल सकता है।
