• Stellantis का बड़ा मास्टरप्लान! भारत में ₹15,000 करोड़ निवेश और 12 नए प्रोडक्ट्स का लक्ष्य
• SUV से प्रीमियम पिकअप तक मचेगी हलचल! Stellantis लाएगी 7 नए प्रोडक्ट और 5 बड़े अपडेट
• Stellantis का FaSTLAne 2030 रोडमैप सामने आया, भारत में बढ़ेगा Jeep और Citroën का पोर्टफोलियो
• भारत बनेगा Stellantis का बड़ा एक्सपोर्ट हब, 50 देशों तक पहुंच रहे वाहन और कलपुर्जे
• छोटे शहरों तक पहुंचेगी Jeep-Citroën की पहुंच, सर्विस नेटवर्क बढ़ाएगी Stellantis
भारत के कार बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Stellantis ने बड़ा निवेश प्लान पेश किया है। कंपनी भारत में करीब ₹4,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करेगी और अगले तीन वर्षों में Jeep तथा Citroën ब्रांड के तहत 12 नए प्रोडक्ट या बड़े अपडेट पेश करेगी। कंपनी के FaSTLAne 2030 रोडमैप के तहत सात बिल्कुल नए प्रोडक्ट और पांच बड़े अपग्रेड लाने की योजना है। पहला प्रॉडक्ट 2027 की दूसरी तिमाही तक लॉन्च किया जा सकता है।
Stellantis की योजना में पांच लॉन्च Jeep और सात Citroën ब्रांड के तहत होंगे। कंपनी के मुताबिक, इन प्रोडक्ट्स का दायरा B, C और D SUV सेगमेंट के अलावा MPV, A-सेगमेंट कार और प्रीमियम पिकअप तक होगा।
Jeep के जरिए कंपनी प्रीमियम SUV बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान देगी। नए प्रोडक्ट्स और पावरट्रेन विकल्पों के जरिए ब्रांड अपनी ऑफ-रोड क्षमता, डिजाइन और प्रीमियम पहचान को आगे बढ़ाना चाहता है। Citroën का फोकस ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने वाले सेगमेंट पर रहेगा। कंपनी भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार आराम, डिजाइन और तकनीक पर जोर देने वाले प्रोडक्ट्स पेश करने की तैयारी में है।
Stellantis भारत में अब तक 11,000 करोड़ से ज्यादा निवेश कर चुकी है। नए निवेश के बाद 2030 तक भारत में कंपनी का कुल निवेश करीब ₹15,000 करोड़ पहुंचने का अनुमान है। कंपनी का कहना है कि भारत उसके लिए सिर्फ कार बेचने वाला बाजार नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी केंद्र भी है।
Stellantis ने Jeep और Citroën दोनों ब्रांड्स के लिए 90% लोकलाइजेशन का लक्ष्य रखा है। इसके तहत कंपनी भारत के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क और स्थानीय सप्लायर इकोसिस्टम का अधिक इस्तेमाल करना चाहती है, जहां तकनीकी और व्यावसायिक रूप से यह संभव होगा। इससे भारत में बनने वाले वाहनों और उनके कलपुर्जों की घरेलू सप्लाई चेन को बढ़ावा मिल सकता है। कंपनी के भारत में तीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। ये महाराष्ट्र के रंजनगांव और तमिलनाडु के तिरुवल्लूर तथा होसुर में स्थित हैं। इसके अलावा बेंगलुरु में इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़ी क्षमताएं तथा हैदराबाद में सूचना एवं संचार तकनीक से जुड़ा केंद्र भी है।
Stellantis भारत से वाहनों और कलपुर्जों का निर्यात करीब 50 देशों में करती है। कंपनी के मुताबिक, होसुर प्लांट में बनने वाले लगभग 95% इंजन और गियरबॉक्स निर्यात किए जाते हैं। FaSTLAne 2030 योजना के तहत भारत में विकसित वाहनों को भी एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में निर्यात करने की योजना है।
