मई में SUV बनी किंग, 4.39 लाख कारें बिकीं

मई में SUV बनी किंग, 4.39 लाख कारें बिकीं

आसान लोन और सस्ती GST ने बढ़ाई गाड़ियों की बिक्री

19 लाख से ज्यादा दोपहिया बिके, बाजार में लौटी रौनक
स्कूटरों की मांग ने मचाई धूम, बिक्री में 27% उछाल

भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में मई 2026 शानदार रहा। ऑटो उद्योग संगठन Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में यात्री वाहनों (Passenger Vehicles) की बिक्री 27.3% बढ़कर 4.39 लाख यूनिट तक पहुंच गई। यह मई महीने में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री है। सिर्फ कारें ही नहीं, बल्कि दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी जोरदार उछाल देखने को मिला, जिससे साफ है कि देश में वाहन खरीदने की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
मई 2026 में देशभर में 4,38,854 यात्री वाहन बिके, जबकि पिछले साल मई 2025 में यह आंकड़ा 3,44,656 यूनिट था। एक साल में बिक्री में 27.3 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूटिलिटी व्हीकल (SUV) सेगमेंट ने सबसे ज्यादा योगदान दिया। इस श्रेणी की बिक्री 24.8 फीसदी बढ़कर 2,45,549 यूनिट पहुंच गई। सामान्य पैसेंजर कारों की बिक्री 28.8 फीसदी बढ़कर 1,20,975 यूनिट रही, जबकि वैन की बिक्री 7.4 फीसदी बढ़कर 13,240 यूनिट तक पहुंच गई।
मई 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री 14.8 फीसदी बढ़कर 19,02,209 यूनिट रही। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 16.57 लाख यूनिट था। स्कूटर सेगमेंट में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। स्कूटर बिक्री 27.4 फीसदी बढ़कर 7,39,667 यूनिट पहुंच गई।
वहीं मोटरसाइकिलों की बिक्री 7.2 फीसदी बढ़कर 11,13,973 यूनिट रही। मोपेड की बिक्री में भी 30.3 फीसदी का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया।
तीन पहिया वाहनों की कुल बिक्री 31.1 फीसदी बढ़कर 70,720 यूनिट हो गई। पिछले वर्ष मई में यह संख्या 53,942 यूनिट थी। यात्री ढोने वाले ऑटो रिक्शा की बिक्री 30 फीसदी बढ़कर 57,649 यूनिट रही, जबकि माल ढोने वाले थ्री-व्हीलर्स की बिक्री 35.3 फीसदी बढ़कर 11,802 यूनिट तक पहुंच गई।
ई-रिक्शा की बिक्री में 38.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 1,000 यूनिट बिके। वहीं ई-कार्ट की बिक्री 81.8 फीसदी उछलकर 269 यूनिट पहुंच गई, जो इस श्रेणी में सबसे तेज वृद्धि है।
मई महीने में देशभर में यात्री वाहन, दोपहिया, तिपहिया और क्वाड्रिसाइकिल मिलाकर कुल 29,27,711 वाहन बनाए गए। यह आंकड़ा ऑटो उद्योग की मजबूत उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।
SIAM के महानिदेशक Rajesh Menon के अनुसार, पिछले साल का कम आधार (Low Base Effect), जीएसटी दरों में कमी और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों के कारण वाहन खरीदारी बढ़ी है। यही वजह है कि इस साल मई में लगभग सभी वाहन श्रेणियों में दो अंकों की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज हुई।