नई दिल्ली। Hyundai Motor India ने अपने पुणे प्लांट के विस्तार की योजना तय समय से लगभग दो साल पहले लागू करने का फैसला किया है। कंपनी अक्टूबर 2026 से यहां तीसरी शिफ्ट शुरू करेगी। पहले यह विस्तार 2028 के मध्य तक होना था। इस फैसले से कंपनी घरेलू बाजार की बढ़ती मांग के साथ-साथ निर्यात को भी तेजी से बढ़ा सकेगी। कंपनी के एमडी और सीईओ तरुण गर्ग ने पहली तिमाही FY27 के नतीजों के बाद कहा कि अक्टूबर 2026 से तीसरी शिफ्ट शुरू होने से उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ेगी और कंपनी ग्राहकों की बढ़ती मांग को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगी।
Hyundai के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि नई जेनरेशन Venue का ग्लोबल प्रोडक्शन अब सिर्फ भारत के पुणे प्लांट में होगा। पहले पुरानी Venue को 28 देशों में निर्यात किया जाता था, लेकिन अब नई Venue को करीब 35 इंटरनैशनल मार्केट में भेजने की तैयारी है। कंपनी का कहना है कि घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में Venue की मांग मजबूत बनी हुई है, इसलिए तीसरी शिफ्ट इसकी आपूर्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। फिलहाल पुणे प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता दो शिफ्ट में करीब 1.20 लाख यूनिट है। तीसरी शिफ्ट शुरू होने के बाद यह बढ़कर लगभग 1.70 लाख यूनिट हो जाएगी। इसके बाद 2028 तक क्षमता 2.50 लाख यूनिट और 2030 तक 3 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने की योजना है।
Hyundai केवल Venue तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने लेफ्ट-हैंड ड्राइव Exter और Verna के निर्यात की भी शुरुआत कर दी है।
खासतौर पर लैटिन अमेरिका समेत नए विदेशी बाजारों पर कंपनी की नजर है। पहली तिमाही के दौरान एक सप्लायर की फैक्ट्री में आग लगने से कंपनी का उत्पादन प्रभावित हुआ था और करीब 13,900 वाहनों का नुकसान हुआ। हालांकि Hyundai ने तेजी से हालात संभालते हुए जुलाई में ही अधिकांश उत्पादन की भरपाई कर ली। Hyundai अपनी मल्टी-पावरट्रेन रणनीति पर भी कायम है। कंपनी केवल इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर रहने के बजाय पेट्रोल, डीजल, CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक सभी तकनीकों में निवेश जारी रखेगी। कंपनी का मानना है कि ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक विकल्प मिलने चाहिए। अप्रैल-जून तिमाही में Hyundai की घरेलू बिक्री में CNG मॉडल की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 18.2% पर पहुंच गई। कंपनी 2030 तक छह CNG मॉडल और नए हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है।
रूरल इंडिया भी Hyundai की ग्रोथ का नया इंजन बनकर उभरा है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की घरेलू बिक्री में ग्रामीण बाजार की हिस्सेदारी बढ़कर 25.9% हो गई। Hyundai का कहना है कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने, निर्यात विस्तार, नए मॉडलों और सभी तरह के पावरट्रेन पर निवेश के जरिए भारत अब दक्षिण कोरिया के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
