पुणे के चाकन प्लांट से निकला खास M256 इंजन मर्सिडीज GLS 450 में फिट किया गया
फोर्स-मर्सिडीज की 29 साल पुरानी साझेदारी नए मुकाम पर, मेक इन इंडिया की ताकत का दुनिया ने देखा दम
फोर्स मोटर्स ने पुणे के चाकन प्लांट में मर्सिडीज-बेंज के लिए 2 लाखवां इंजन बनाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज के बीच पुराना औद्योगिक संबंध नई ऐतिहासिक उपलब्धि पर पहुंच गया है। कंपनी की ओर से तैयार किया गया यह 2 लाखवां इंजन मर्सिडीज-बेंज की लग्जरी एसयूवी GLS 450 में लगाया गया है। मर्सिडीज-बेंज की जीएलएस 450 एसयूवी के लिए तैयार स्पेशल 6-सिलिंडर एम256 इंजन का प्रदर्शन किया गया।
फोर्स मोटर्स भारत में बनने वाली सभी मर्सिडीज कारों और एसयूवी के लिए इंजन और एक्सल तैयार करती है। इस ऐतिहासिक मौके पर फोर्स मोटर्स के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया और मर्सिडीज-बेंज समूह के कई वैश्विक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मर्सिडीज-बेंज ग्रुप एजी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ. योर्ग बुर्जर, उत्पादन एवं गुणवत्ता प्रमुख माइकल शीबे, बिक्री एवं ग्राहक अनुभव प्रमुख मैथियास गाइसन के अलावा मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे फोर्स मोटर्स और मर्सिडीज-बेंज का सफर वर्ष 1997 से शुरू हुआ था। चाकन स्थित इंजन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में तैयार 6-सिलिंडर एम256 (M256) इंजन इंजीनियरिंग की सटीकता और मैन्युफैक्चरिंग एक्सेलेंस की जीता-जागती मिसाल है।
प्रसन फिरोदिया ने कहा कि 2 लाखवां इंजन केवल उत्पादन के क्षेत्र में उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आधी सदी से भी अधिक समय से चले आ रहे संबंधों की जीवंत कहानी है, जो विश्वास, सटीकता और साझा उद्देश्य पर आधारित है। यह उपलब्धि फैक्ट्री की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। इसे भारत और जर्मनी के बीच औद्योगिक सहयोग की सबसे सफल कहानियों में से एक माना जा रहा है। भारत में जर्मन मानकों के अनुरूप इंजन तैयार करना फोर्स मोटर्स की बड़ी सफलता है।
