US के ब्रॉडबैंड मार्केट पर JIO की नजर! अमेरिकी कंपनियों से होगी बिग डील

US के ब्रॉडबैंड मार्केट पर JIO की नजर! अमेरिकी कंपनियों से होगी बिग डील

अमेरिकी केबल कंपनियों को JIO का टेक्नोलॉजी पंच, UBR से बदलेगी इंटरनेट की दुनिया

बिना केबल, बिना महंगे स्पेक्ट्रम हाईस्पीड इंटरनेट!. Comcast और Charter से बातचीत

JIO का UBR टेक्नोलॉजी मॉडल दे सकता है बड़ी चुनौती, स्पेक्ट्रम का खर्च बचाएगी JIO की तकनीक!

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस JIO अब भारतीय टेलीकॉम बाजार से आगे वैश्विक ब्रॉडबैंड कारोबार में अपनी धाक जमाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की नजर अमेरिकी बाजार पर है। इसी रणनीति के तहत JIO प्लेटफॉर्म्स ने अमेरिका की दिग्गज केबल कंपनियों Comcast और Charter Communications के साथ संभावित कारोबारी समझौते को लेकर बातचीत की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, JIO अपनी खास वायरलेस ब्रॉडबैंड तकनीक का लाइसेंस देने के बदले इन कंपनियों में इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के विकल्प पर विचार कर रही है।

JIO की इस तकनीक का नाम अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो (UBR) है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए घरों तक हाईस्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए अलग से महंगे टेलीकॉम स्पेक्ट्रम या हर घर तक केबल बिछाने की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी आसपास की इमारतों, टावरों और छतों पर ट्रांसमीटर लगाकर वाई-फाई फ्रीक्वेंसी के माध्यम से इंटरनेट सिग्नल भेज सकती है। इसके लिए संबंधित इमारतों पर रिसीवर लगाए जाते हैं। इससे ब्रॉडबैंड नेटवर्क स्थापित करने की लागत कम करने और दूर-दराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

इस तकनीक को लेकर JIO की वैश्विक महत्वाकांक्षा काफी बड़ी है। कंपनी दुनिया के विकसित और विकासशील दोनों तरह के बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है। JIO का लक्ष्य इस तकनीकी प्लेटफॉर्म के लिए दुनिया भर में 10 से 15 साझेदार तैयार करना है। Comcast और Charter के साथ संभावित समझौता होने पर कंपनी को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में सीधे प्रवेश का अवसर मिल सकता है। खास बात यह है कि JIO को वहां अपना पूरा नेटवर्क खड़ा करने के लिए भारी निवेश नहीं करना पड़ेगा। वह अपनी तकनीक और विशेषज्ञता के दम पर विदेशी कंपनियों के साथ कारोबार बढ़ा सकेगी।

अमेरिका में ब्रॉडबैंड कारोबार इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। वहां फाइबर इंटरनेट और फिक्स्ड वायरलेस सेवाओं से केबल कंपनियों को कड़ी चुनौती मिल रही है। एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के अंत में अमेरिकी घरेलू ब्रॉडबैंड कनेक्शन में केबल कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 62 फीसदी थी। इसके बावजूद Comcast और Charter जैसी कंपनियों के ग्राहक घट रहे हैं। सितंबर के अंत तक Comcast के करीब 2.83 करोड़ घरेलू ब्रॉडबैंड ग्राहक थे, जबकि जून में Charter के इंटरनेट ग्राहकों की संख्या लगभग 2.94 करोड़ थी। JIO की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। दक्षिण अफ्रीका की MTN Group के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन मूल्यांकन और लाइसेंसिंग से जुड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बनने के कारण यह चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी। फिलहाल Comcast और Charter के साथ भी किसी समझौते की समयसीमा तय नहीं हुई है।