फंडिंग मिलते ही शुरू होगी EV टेक्नोलॉजी की नई क्रांति
EV इंडस्ट्री के लिए बड़ी उम्मीद, लेकिन फंडिंग ने रोकी रफ्तार
तिरुवनंतपुरम: केरल को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बनाने के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) रिसर्च पार्क फिलहाल फंडिंग संकट के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, KIIFB (Kerala Infrastructure Investment Fund Board) का फिर से गठन होने के चलते परियोजना के लिए जरूरी वित्तीय मंजूरी मिलने में देरी हो रही है, जिससे अगला चरण शुरू नहीं हो सका है। यह रिसर्च पार्क विलप्पिलसाला में विकसित किया जाना है। फिलहाल इसे TrEST Research Park संचालित कर रहा है, जो कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, तिरुवनंतपुरम से काम कर रहा है। नए एकीकृत कैंपस के बनने के बाद यह अत्याधुनिक रिसर्च, इनोवेशन, टेस्टिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में विकसित होगा।
परियोजना के लिए वैश्विक कंसल्टेंसी Ernst & Young (EY) ने कॉन्सेप्चुअल मास्टर प्लान तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। अब अगला महत्वपूर्ण चरण डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना है, लेकिन फंडिंग उपलब्ध नहीं होने से यह प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि EV रिसर्च पार्क प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करने के लिए इसे राज्य की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल किया गया है। जल्द ही मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन से मुलाकात कर परियोजना में तेजी लाने का आग्रह किया जाएगा। परियोजना टीम ने कट्टाकड़ा के विधायक एम.आर. बैजू और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की है।
इस रिसर्च पार्क के शुरू होने से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बैटरी टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य में हाई-स्किल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का विजन अब भी बरकरार है। जैसे ही KIIFB से जुड़ी वित्तीय प्रक्रिया पूरी होगी और फंड जारी होंगे, DPR तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। केरल सरकार इस परियोजना को राज्य की सबसे महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में शामिल मान रही है।
