भारत में EV क्रांति का दूसरा चरण शुरू, आम ग्राहक की पहली पसंद बने ई-स्कूटर
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने लोगों की जेब पर ऐसा असर डाला है कि अब इलेक्ट्रिक स्कूटर बड़े शहरों की सड़कों से निकलकर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक पहुंच गए हैं। टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों के आम उपभोक्ता (Mass Market) अब पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटरों को तेजी से अपना रहे हैं, जिससे इस सेक्टर में एक नया बूम आ गया है। कभी केवल तकनीक पसंद लोगों की पसंद माने जाने वाले ई-स्कूटर अब आम परिवारों और रोजमर्रा के यात्रियों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। हालांकि अब इस दौड़ में सिर्फ नई तकनीक नहीं, बल्कि मजबूत सर्विस नेटवर्क, आसान फाइनेंस, भरोसेमंद ब्रांड और गांव-गांव तक पहुंच रखने वाली कंपनियां भी बड़ी भूमिका निभाने लगी हैं।
भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री अब केवल दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। बढ़ती पेट्रोल कीमतों, चलाने के कम खर्च और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ते भरोसे के कारण छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी ई-स्कूटर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब शुरुआती दौर से निकलकर आम लोगों के बाजार में प्रवेश कर चुकी है। इसके साथ ही तकनीक से ज्यादा मजबूत सर्विस नेटवर्क, डीलरशिप, आसान फाइनेंस और ग्राहकों का भरोसा सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बनते जा रहे हैं।
अब तक इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री का बड़ा हिस्सा महानगरों से आता था, लेकिन अब छोटो शहरों में मांग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Ather Energy के मुख्य व्यवसाय अधिकारी रवनीत एस फोकेला के अनुसार पिछले कुछ महीनों में छोटे शहरों से पूछताछ और बिक्री दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले से पारंपरिक पेट्रोल स्कूटरों की अच्छी बिक्री होती रही है, वहीं अब इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग भी सबसे तेजी से बढ़ रही है। Bajaj Auto के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा के मुताबिक इलेक्ट्रिक स्कूटर अब अलग श्रेणी नहीं रह गए हैं, बल्कि देश के मुख्यधारा स्कूटर बाजार का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
पुणे, सूरत, वडोदरा और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में भी इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अब केवल तकनीक पसंद ग्राहकों के भरोसे नहीं चल रहा, बल्कि आम परिवार और रोजमर्रा के उपभोक्ता भी बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपना रहे हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार का पहला चरण नई तकनीक के दम पर आगे बढ़ा था, लेकिन आने वाले समय में वही कंपनियां सबसे ज्यादा सफल होंगी जिनकी पहुंच ज्यादा होगी, सर्विस नेटवर्क मजबूत होगा और जिन पर ग्राहक सबसे अधिक भरोसा करेंगे।
