Suzuki का गेमप्लान! INDIA में ‘Just Right’ ADAS, कारों का वजन 100 किलो तक घटेगा

Suzuki का गेमप्लान! INDIA में ‘Just Right’ ADAS, कारों का वजन 100 किलो तक घटेगा

230 KM की EV रेंज से खुश नहीं, 80 KM और बढ़ाई दूरी! अब भारत पर नजर

कार के 2,000 से ज्यादा बोल्ट तक कम करेगी Suzuki

नई दिल्ली। भारत के तेजी से बदलते ऑटोमोबाइल बाजार को ध्यान में रखते हुए Suzuki Motor Corporation (SMC) ने अपनी नई Technology Strategy में ऐसी कारों पर फोकस करने का संकेत दिया है, जो कम वजन, बेहतर माइलेज, किफायती कीमत और जरूरत के मुताबिक Technology के साथ आएंगी। कंपनी का फोकस खास तौर पर भारत के लिए ‘Just Right’ ADAS, Lightweighting, Hybrid, Electric Vehicles और Cleaner ICE Powertrains पर है।

Suzuki Motor भारत के तेजी से बदलते ऑटोमोबाइल बाजार को ध्यान में रखते हुए Suzuki Motor Corporation ने अपनी नई टेक्नोलॉजी रणनीति में ऐसी कारों पर फोकस करने का संकेत दिया है, जो कम वजन, बेहतर माइलेज, किफायती कीमत और जरूरत के मुताबिक टेक्नोलॉजी के साथ आएंगी। कंपनी का फोकस खास तौर पर भारत के लिए ‘Just Right’ ADAS, हल्की कारों, हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक और क्लीन ICE पावरट्रेन पर है।

भारत के लिए ‘जितनी जरूरत, उतनी टेक्नोलॉजी’

SUZUKI की रणनीति का आधार उसका ‘Sho-Sho-Kei-Tan-Bi’ सिद्धांत है। इसका मतलब है—छोटा, कम, हल्का, छोटा और बेहतर तरीके से व्यवस्थित। कंपनी का मानना है कि भारत जैसे बाजार में बेहद महंगी और जरूरत से ज्यादा जटिल तकनीक के बजाय ऐसी तकनीक ज्यादा उपयोगी होगी, जो भारतीय सड़कों, ट्रैफिक और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से तैयार हो।

Maruti Suzuki की आने वाली कारों में ADAS को लेकर सुजुकी का फोकस खासा दिलचस्प है। कंपनी भारत में ‘Just Right ADAS’ विकसित करना चाहती है। भारतीय सड़कों पर अचानक लेन बदलना, पैदल यात्रियों की मौजूदगी, मिश्रित ट्रैफिक और अलग-अलग तरह के सड़क संकेत आम हैं। ऐसे में कंपनी ऐसे ADAS सिस्टम पर काम कर रही है जो इन परिस्थितियों में प्रभावी रहे और ड्राइवर के लिए अनावश्यक रूप से परेशान करने वाला न हो। कंपनी Level 1 और चुनिंदा Level 2 ADAS फीचर्स पर जोर दे रही है। इनमें टक्कर से बचाव और पार्किंग जैसी सुरक्षा सुविधाएं अहम होंगी।

सुजुकी का दूसरा बड़ा फोकस lightweighting है। कंपनी अपनी कारों के वजन को कम करने के लिए सिर्फ बड़े पार्ट्स ही नहीं, बल्कि छोटे से छोटे कंपोनेंट की भी समीक्षा कर रही है। कंपनी अपने प्रमुख मॉडल्स में कुल वजन 100 किलो तक कम करने की दिशा में काम कर रही है।

हैरानी की बात यह है कि सुजुकी नट-बोल्ट तक का वजन देख रही है। कंपनी के मुताबिक, एक M8 बोल्ट के हेड को छोटा करने से करीब 1 ग्राम वजन बच सकता है। एक कार में 2,000 से ज्यादा बोल्ट होते हैं, इसलिए छोटे-छोटे बदलाव मिलकर बड़ा असर पैदा कर सकते हैं।

सुजुकी के इलेक्ट्रिक Kei कार प्रोजेक्ट eSky में इसी रणनीति का उदाहरण देखने को मिला। विकास के दौरान इसकी रेंज करीब 230 किलोमीटर थी। कंपनी ने वजन, टायर रोलिंग रेजिस्टेंस, सस्पेंशन, LED की संख्या, गियर रेशियो और दूसरे हिस्सों में छोटे-छोटे बदलाव किए। इसके बाद रेंज में करीब 80 किलोमीटर का इजाफा हुआ।

सुजुकी किसी एक पावरट्रेन पर निर्भर रहने के बजाय Multi-Pathway Strategy अपना रही है।

कंपनी के मुताबिक अलग-अलग देशों और समय के हिसाब से EV, हाइब्रिड और ICE जैसी तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी रहेगा।