स्मार्टफोन के दाम में 45 फीसदी का उछाल, GST 5% करने की आवाज बुलंद

स्मार्टफोन के दाम में 45 फीसदी का उछाल, GST 5% करने की आवाज बुलंद

• महंगे स्मार्टफोन से घटी बिक्री, मोबाइल कंपनियों ने मांगी GST में बड़ी राहत

• मोबाइल बाजार में मंदी का असर, 10 हजार से सस्ते फोन मार्केट से गायब

नई दिल्ली। देश में लगातार महंगे हो रहे स्मार्टफोन के बीच मोबाइल फोन कंपनियों ने सरकार से GST 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की है। उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस संबंध में पत्र भेजकर आगामी GST काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव रखने की मांग की है। संगठन का कहना है कि GST कम होने से मोबाइल फोन सस्ते होंगे, घरेलू मांग बढ़ेगी और खास तौर पर कम कीमत वाले स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिलेगी।

ICEA के मुताबिक पिछले एक साल में स्मार्टफोन की कीमतों पर काफी दबाव बढ़ा है। इसका सबसे बड़ा कारण मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी की कीमतों में करीब चार गुना बढ़ोतरी है। संगठन के अनुसार सितंबर 2025 से मेमोरी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका एक कारण दुनियाभर में AI डेटा सेंटर के लिए मेमोरी की बढ़ती मांग भी है। कंपनियों के मुताबिक इसका असर सीधे स्मार्टफोन की कीमतों पर पड़ा है और पिछले एक साल में एंट्री-लेवल फोन की कीमतें अलग-अलग ब्रांड में करीब 35 से 45 फीसदी तक बढ़ी हैं।

सबसे ज्यादा दबाव 10,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर पड़ा है। ICEA का कहना है कि इस श्रेणी में उपलब्ध फोन की हिस्सेदारी अब 5 फीसदी से भी कम रह गई है। कंपनियां बढ़ती मेमोरी लागत का पूरा बोझ खुद नहीं उठा पा रही हैं और उसका एक हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है। ऐसे में 18 फीसदी GST कीमत को और बढ़ा देता है। फोन की टैक्स से पहले कीमत में हर 1 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी पर 18 पैसे का GST और जुड़ जाता है।

उद्योग संगठन का कहना है कि इसका असर खास तौर पर पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वालों, ग्रामीण ग्राहकों और कम आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है। ICEA ने मोबाइल फोन के अलावा फोन के कंपोनेंट पर GST दरों को भी तर्कसंगत बनाने की मांग की है। भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। ICEA के अनुसार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। FY2025-26 में मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद भी रहा।

ICEA का तर्क है कि उत्पादन और निर्यात बढ़ने के बावजूद घरेलू बाजार की मांग कमजोर हुई है और लोग फोन बदलने में ज्यादा समय ले रहे हैं। GST में कटौती से बाजार में बिक्री बढ़ सकती है और कंपनियों को ज्यादा स्थिर घरेलू मांग मिल सकती है। अब नजर GST काउंसिल की अगली बैठक पर है।