E20 पर नहीं लगेगा ब्रेक, मगर पुरानी स्कूटर-बाइक्स को मिल सकता है E10!

E20 पर नहीं लगेगा ब्रेक, मगर पुरानी स्कूटर-बाइक्स को मिल सकता है E10!

• BPCL ने खोला पेट्रोल का पूरा राज, E20 की बादशाहत बरकरार, लेकिन E10 की दस्तक ने मचाई हलचल

• करोड़ों पुरानी बाइकों के लिए E10 की मांग तेज, BPCL बोला- E20 हटाने की बात नहीं

नई दिल्ली: E20 पेट्रोल पर बहस के बीच Bharat Petroleum Corporation Limited ने साफ कर दिया है कि फिलहाल E20 को हटाकर E10 पेट्रोल लाने का कोई फैसला नहीं हुआ है। चर्चा सिर्फ इस बात पर हो रही है कि पुराने वाहनों, खासकर पुराने दोपहिया वाहनों के लिए E10 जैसे कम-एथनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प दिया जाए या नहीं। BPCL के चेयरमैन एवं एमडी संजय खन्ना ने कहा कि अगर सरकार नीति बदलने का फैसला करती है तो E20 से E10 पर स्विच करने में तेल कंपनियों के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर कोई बड़ी दिक्कत नहीं होगी। इस संबंध में कुछ भी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।
BPCL के मुताबिक अगर सरकार भविष्य में E20 की जगह E10 करने का निर्णय लेती है तो तेल कंपनियों को अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी। रिफाइनरी, डिपो, टर्मिनल और सप्लाई सिस्टम के स्तर पर इसे संभालना संभव है।
समस्या तब ज्यादा बढ़ेगी जब E20 की बिक्री जारी रखते हुए E10 को भी अलग पेट्रोल ग्रेड के तौर पर देशभर के पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराया जाएगा। भारत में एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं और उन्हें रिफाइनरी, टर्मिनल, डिपो और पाइपलाइन के बड़े नेटवर्क से जोड़ा गया है। दो अलग एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल की समानांतर सप्लाई से स्टोरेज, इन्वेंट्री और परिवहन व्यवस्था जटिल हो सकती है।
E10 को लेकर चर्चा की बड़ी वजह पुराने दोपहिया वाहन हैं। आर्थिक मामलों के विभाग से जुड़े विशेषज्ञों ने एक लेख में कहा था कि भारत में करीब 7.5 से 8 करोड़ पुराने बाइक और स्कूटर ऐसे हैं जो BS-IV से पहले के समय में बने थे। इन पुराने वाहनों में आज की आधुनिक गाड़ियों की तरह इलेक्ट्रॉनिक फ्यूल इंजेक्शन नहीं, बल्कि कार्बोरेटर लगा होता है।
E20 पेट्रोल में 20% एथनॉल होता है। पुराने कार्बोरेटर वाले इंजन इस ज्यादा एथनॉल वाले ईंधन के हिसाब से खुद ईंधन-हवा का मिश्रण ठीक से एडजस्ट नहीं कर पाते। इससे कुछ वाहनों में इंजन ज्यादा गर्म चलने, माइलेज या परफॉर्मेंस प्रभावित होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। पुराने वाहनों में लगे रबर सील और कुछ दूसरे पार्ट्स ज्यादा एथनॉल के संपर्क में आने से जल्दी खराब हो सकते हैं। करोड़ों पुरानी बाइक-स्कूटर E20 के लिए उतनी अनुकूल नहीं हैं, इसलिए इनके मालिकों को E10 जैसे कम एथनॉल वाले पेट्रोल का विकल्प देने की बात हो रही है। E20 में 20 प्रतिशत एथनॉल और बाकी हिस्सा पेट्रोल होता है। देशभर में 1 अप्रैल से पेट्रोल पंपों पर E20 को मुख्य पेट्रोल विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया गया है।