डीजल ट्रकों को टक्कर देने उतरे 100 ई-ट्रक, DRIVN-AVG Logistics में बड़ा करार

डीजल ट्रकों को टक्कर देने उतरे 100 ई-ट्रक, DRIVN-AVG Logistics में बड़ा करार

डीजल से बिजली की ओर बढ़े कदम, लॉजिस्टिक्स में इलेक्ट्रिक क्रांति की दस्तक

मुंबई, 15 अगस्त। भारत में इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर लॉजिस्टिक्स कारोबार में उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। EV लीजिंग प्लेटफॉर्म DRIVN ने AVG Logistics के साथ 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती के लिए समझौता किया है। इन ट्रकों का इस्तेमाल देशभर में AVG Logistics के अलग-अलग कारोबारी और माल ढुलाई संबंधी कामों के लिए किया जाएगा। हालांकि, इन ट्रकों को किन खास रूट और फ्रेट कॉरिडोर पर चलाया जाएगा, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।
कंपनियों के मुताबिक, यह साझेदारी भारत में भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक माल ढुलाई यानी इलेक्ट्रिक फ्रेट को तेजी से बढ़ावा देना है।
DRIVN की सह-संस्थापक और चीफ बिजनेस ऑफिसर अल्पना जैन ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रकों को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए कंपनियों को ऐसा मॉडल चाहिए, जिसमें वाहन, उसका इस्तेमाल, फाइनेंसिंग और रोजमर्रा के संचालन की लागत एक-दूसरे के साथ सही तरीके से काम करे।
यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश की स्थापित लॉजिस्टिक्स कंपनियों में इलेक्ट्रिक फ्लीट को अपनाने के लिए फाइनेंसिंग और लीजिंग मॉडल में दिलचस्पी बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने के बजाय लीज पर लेने का मॉडल कंपनियों के लिए शुरुआती निवेश का बोझ कम कर सकता है और उन्हें धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने का मौका देता है।
AVG Logistics के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर और ESG हेड विनायक गुप्ता ने कहा कि DRIVN के साथ 100 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती का समझौता कंपनी की ऐसी तकनीकों और समाधानों को अपनाने की रणनीति का हिस्सा है, जो बड़े स्तर पर माल ढुलाई को अधिक कुशल और टिकाऊ बना सकें।
उन्होंने कहा कि AVG Logistics के संचालन संबंधी अनुभव और DRIVN की EV फाइनेंसिंग और लीजिंग विशेषज्ञता को एक साथ लाकर इलेक्ट्रिक ट्रकों को कंपनी के फ्लीट में शामिल करने का ऐसा मॉडल तैयार करने की कोशिश की जा रही है, जो बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। साथ ही ट्रकों की विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता भी बनी रहे।
इस साझेदारी से यह संकेत मिलता है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब केवल कारों, स्कूटरों और छोटे कमर्शियल वाहनों तक सीमित नहीं रह गई है। भारी माल ढोने वाले इलेक्ट्रिक ट्रकों को भी बड़े लॉजिस्टिक्स कारोबार में शामिल करने की तैयारी तेज हो रही है। इस साझेदारी में पहले चरण में 30 इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती लंबे समय के लॉजिस्टिक्स कॉन्ट्रैक्ट के तहत शुरू हो चुकी है, जबकि पूरी साझेदारी का लक्ष्य 100 ट्रकों तक पहुंचना है।