हवा और सूरज की ताकत से चलेगी, Ferrari की Hypersail खुद बनाएगी अपनी बिजली
100 वर्गमीटर सोलर पैनल और विंड टर्बाइन से लैस Ferrari की नई यॉट
सुपरकार बनाने वाली इटली की कंपनी Ferrari अब समुद्र में भी तकनीक का नया इतिहास रचने की तैयारी में है। कंपनी ने अपनी 30 मीटर लंबी Hypersail रेसिंग यॉट के लिए एक ऐसी अत्याधुनिक ऊर्जा प्रणाली पेश की है, जो बिना ईंधन और बिना बाहरी चार्जिंग के पूरी तरह आत्मनिर्भर होगी। यह यॉट अपनी जरूरत की पूरी बिजली सूरज की रोशनी, हवा और चालक दल की शारीरिक ताकत से खुद तैयार करेगी।
Ferrari के मुताबिक, Hypersail दुनिया की पहली ऐसी फॉइलिंग मोनोहुल ओशन रेसिंग यॉट होगी, जो समुद्र में दौड़ते समय ही अपनी ऊर्जा पैदा करेगी। इसके लिए यॉट में सोलर पैनल, विंड टर्बाइन और एक नई Winch-by-Wire तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक चालक दल की शारीरिक ताकत को सीधे बिजली में बदल देती है। यही बिजली यॉट के इलेक्ट्रिक विन्च, हाइड्रोलिक सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरणों को चलाती है।
Hypersail के डेक और बाहरी हिस्से में करीब 100 वर्गमीटर के वॉकेबल सोलर पैनल लगाए गए हैं। पीछे की ओर हटाए जा सकने वाले विंड टर्बाइन भी दिए गए हैं, जो तेज हवा में अतिरिक्त बिजली पैदा करते हैं। जरूरत से ज्यादा बनी बिजली को दो 800 वोल्ट बैटरी पैक में स्टोर किया जाता है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सभी सिस्टम लगातार चलते रहें।
Ferrari की नई Winch-by-Wire तकनीक से चालक दल का काम आसान हो जाता है। कंपनी का दावा है कि इस सिस्टम की मदद से एक व्यक्ति अकेले 9 टन तक का भार संभाल सकता है।
Ferrari ने इस यॉट में अपनी सुपरकारों की तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। Hypersail में लगे इलेक्ट्रिक मोटर Ferrari Purosangue और Ferrari F80 में इस्तेमाल होने वाली एक्टिव सस्पेंशन तकनीक से विकसित किए गए हैं। यॉट का Active Flight Control System फॉइल और कील को नियंत्रित करेगा। इसके बड़े मूवमेंट 800 वोल्ट इलेक्ट्रिक ड्राइव से संचालित होंगे, जबकि फॉइल फ्लैप्स के लिए अलग 48 वोल्ट मोटर का इस्तेमाल किया गया है। Ferrari का कहना है कि इससे प्रदर्शन बेहतर होगा, ऊर्जा की बचत होगी और सिस्टम पहले से ज्यादा भरोसेमंद बनेगा।
Ferrari का मानना है कि Hypersail केवल एक रेसिंग यॉट नहीं, बल्कि भविष्य की टिकाऊ और हाई-परफॉर्मेंस समुद्री तकनीक का प्रदर्शन है। इस परियोजना के जरिए कंपनी यह दिखाना चाहती है कि उसकी कारों के लिए विकसित की गई अत्याधुनिक तकनीक अब समुद्री दुनिया में भी नई क्रांति ला सकती है।
