गेट, सेट, गो : गणेश चतुर्थी से आटो कंपनियां फेस्टिव सीजन के लिए रेडी

गेट, सेट, गो : गणेश चतुर्थी से आटो कंपनियां फेस्टिव सीजन के लिए रेडी

• दिवाली तक चलेगी बंपर सेल्स की बहार, नए मॉडल देंगे बिक्री को बूस्ट

• पेट्रोल से आगे निकले CNG-हाइब्रिड-EV, बदल रहा है भारतीय कार खरीदार का मूड

• नई कारें, नए पावरट्रेन और फेस्टिव ऑफर… ऑटो कंपनियों ने तैयार किया बड़ा प्लान

• ऑटो बाजार में अगस्त तक रिटेल बिक्री 18.4% बढ़ी

भारत का ऑटोमोबाइल बाजार इस साल के त्योहारी सीजन में मजबूत मांग की उम्मीद कर रहा है। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के बीच कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री को रफ्तार मिलने की संभावना है। हालांकि, कंपनियों के सामने पिछले साल का मजबूत बिक्री आधार भी बड़ी चुनौती है। पिछले साल GST दरों में बदलाव के बाद त्योहारी सीजन में वाहनों की मांग में जबरदस्त उछाल आया था।

पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में इस साल भी अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। उद्योग के अनुसार FY27 में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 10% से ज्यादा बढ़कर करीब 53-54 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है। Onam के दौरान दक्षिण भारत में ऑर्गेनिक पूछताछ में 12% तक बढ़ोतरी हुई, जबकि केरल में पैसेंजर व्हीकल बिक्री करीब 20% YoY बढ़ी। इससे त्योहारी मांग को लेकर कंपनियों का भरोसा मजबूत हुआ है।

FADA के मुताबिक सितंबर से नवंबर 2026 के दौरान करीब 82% डीलर ग्रोथ को लेकर आशावादी हैं। करीब 44% डीलरों ने बताया कि बुकिंग पाइपलाइन पहले से मजबूत हो रही है।

मारुति सुजुकी, महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, किआ, JSW MG Motor और निसान जैसी कंपनियां नए मॉडल, एडिशन और पावरट्रेन के साथ बाजार में उतर रही हैं। कंपनियों को उम्मीद है कि नए मॉडल ग्राहकों को खरीदारी के लिए अतिरिक्त वजह देंगे।

दोपहिया बाजार भी मजबूत स्थिति में है। Hero MotoCorp को उम्मीद है कि FY27 की पहली छमाही में दिखी तेजी आगे भी जारी रहेगी। फसल कटाई के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह बेहतर होने से दोपहिया बिक्री को फायदा मिल सकता है। हालांकि, देर से होने वाली बारिश एक जोखिम बनी हुई है। कंपनी को FY27 में दोपहिया उद्योग के हाई सिंगल डिजिट से अर्ली डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है।

ऑटो बाजार में सबसे बड़ा बदलाव पावरट्रेन को लेकर दिखाई दे रहा है। अगस्त में पहली बार CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी पेट्रोल वाहनों से आगे निकल गई। वैकल्पिक ईंधन वाहनों की हिस्सेदारी 41.95%, जबकि पेट्रोल की हिस्सेदारी करीब 40% रही। FY27 में अगस्त तक कुल ऑटो रिटेल रजिस्ट्रेशन 18.4% बढ़कर 1.29 करोड़ हो गए हैं। ऐसे में नए मॉडल, ग्रामीण मांग और त्योहारी खरीदारी मिलकर ऑटो सेक्टर को एक और मजबूत बिक्री सीजन दे सकते हैं।