प्रदूषण पर वार : दिल्ली-NCR में PUC सेंटरों पर अब कैमरे की तीसरी आंख!

प्रदूषण पर वार : दिल्ली-NCR में PUC सेंटरों पर अब कैमरे की तीसरी आंख!

• प्रदूषण जांच की सख्त निगरानी, अब जांच प्रक्रिया पर रहेगी कड़ी नजर

• पल्यूशन की जांच में पारदर्शिता की नई तैयारी

दिल्ली-NCR में वाहनों के प्रदूषण की जांच करने वाले PUC सेंटर अब कैमरों की निगरानी में आएंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण और वाहन नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली-NCR के सभी Pollution Under Control (PUC) केंद्रों को सर्विलांस कैमरों से लैस किया जाएगा। सरकार का फोकस खासतौर पर पेट्रोल पंपों के पास चल रहे PUC केंद्रों पर है। इन केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा और वहां कैमरे लगाए जाएंगे। इसका मकसद जांच प्रक्रिया पर नजर रखना, पारदर्शिता बढ़ाना और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। अब वाहन के प्रदूषण की जांच किस तरह हुई, सेंटर पर प्रक्रिया कैसे पूरी की गई और नियमों का पालन हुआ या नहीं—इन सब पर निगरानी मजबूत करने की तैयारी है।
सिर्फ PUC सेंटर ही नहीं, सरकार ने कमर्शियल वाहनों की जांच व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने का फैसला किया है। इसके लिए दो पूरी तरह ऑटोमेटेड वाहन परीक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों पर कमर्शियल वाहनों की फिटनेस और उत्सर्जन की जांच ज्यादा व्यवस्थित और सटीक तरीके से करने का लक्ष्य है।
PUC (Pollution Under Control Certificate) यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला उत्सर्जन सरकार की ओर से तय सीमा के भीतर है। प्रदूषण जांच के बाद जारी होने वाले इस प्रमाणपत्र में वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, उत्सर्जन की रीडिंग और प्रमाणपत्र की वैधता जैसी जानकारी दर्ज होती है। वैध PUC प्रमाणपत्र वाहन चालकों के लिए जरूरी है। ट्रैफिक जांच के दौरान इसके नहीं होने पर कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली-NCR में वाहनों की बड़ी संख्या और प्रदूषण की गंभीर चुनौती के बीच PUC सेंटरों की निगरानी बढ़ाने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैमरों के जरिए सरकार जांच व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब दिल्ली-NCR में PUC सेंटरों पर सिर्फ प्रदूषण की जांच नहीं होगी, बल्कि जांच की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जाएगी। यह कदम वाहन प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था को ज्यादा सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।