कार से लेकर ट्रक तक… सभी पर बढ़ा टोल, NHAI का नया फैसला 15 जुलाई से लागू
ट्रांसपोर्टर से लेकर आम यात्रियों तक सभी प्रभावित से लागू
• टोल टैक्स बढ़ा तो बढ़ेगा ट्रांसपोर्ट का किराया, महंगा हो सकता है सामान
चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों को अब पहले से ज्यादा टोल टैक्स देना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दोनों राज्यों के आठ प्रमुख टोल प्लाजा पर टोल शुल्क बढ़ा दिया है। नई दरें 15 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि निजी कार चालकों के लिए बढ़ोतरी सिर्फ 5 से 10 रुपये के बीच है, लेकिन रोजाना हाइवे पर आने-जाने वाले लोगों, टैक्सी ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च काफी मायने रखता है।
नई दरें चंडीगढ़-खरड़-लुधियाना, अमृतसर-तरनतारन-बठिंडा, पटियाला बाइपास, संगरूर, अबोहर, डबवाली और बठिंडा जैसे व्यस्त हाइवे मार्गों पर लागू होंगी। NHAI का कहना है कि यह बढ़ोतरी हर साल होने वाली नियमित समीक्षा का हिस्सा है और इसे थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर संशोधित किया गया है। इसी के तहत पूरे क्षेत्र के 50 से अधिक टोल प्लाजा पर नई दरें लागू की गई हैं।
सबसे अधिक शुल्क घुलाल टोल प्लाजा (NH-05) और कालाझार टोल प्लाजा (NH-64) पर देना होगा। यहां कार और अन्य हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 115 रुपये और आने-जाने का शुल्क 170 से 175 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं बस और ट्रक चालकों को एक तरफ के सफर के लिए 390 रुपये तक चुकाने होंगे।
(NH-52) पर कार चालकों को अब 95 रुपये एक तरफ और 145 रुपये आने-जाने के लिए देने होंगे। खुइयां सरवर टोल प्लाजा पर कारों का टोल 105 रुपये और लेहराबेगा टोल प्लाजा पर 80 रुपये कर दिया गया है। शेखपुरा टोल प्लाजा पर कार चालकों को 55 रुपये, जबकि कोट करोर और काला तिब्बा टोल प्लाजा पर 50-50 रुपये देने होंगे।
बसों और ट्रकों के लिए भी सभी टोल प्लाजा पर शुल्क बढ़ाया गया है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि माल ढुलाई की लागत बढ़ती है तो इसका असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
NHAI का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधाओं, रखरखाव और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर टोल दरों में संशोधन किया जाता है।
