Bharat NCAP 2.0: अब कारों की सेफ्टी का होगा और कड़ा टेस्ट

Bharat NCAP 2.0: अब कारों की सेफ्टी का होगा और कड़ा टेस्ट

• 5-स्टार के लिए 80 अंक तक जरूरी

• कारों की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा दांव, 2027 में आएगा Bharat NCAP 2.0

• अब सिर्फ क्रैश टेस्ट नहीं, कार की पूरी सेफ्टी का होगा हिसाब-किताब

नई दिल्ली, 3 सितंबर। भारत में कारों की सुरक्षा जांच के नियम अब और सख्त होने जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कहा है कि Bharat NCAP 2.0 को अक्टूबर 2027 से लागू करने की तैयारी है। नए नियमों में कारों को 100 अंकों के आधार पर रेटिंग दी जाएगी और सुरक्षा को पांच प्रमुख हिस्सों में बांटा जाएगा। 5-स्टार रेटिंग हासिल करना भी मौजूदा व्यवस्था के मुकाबले मुश्किल होगा।
Gadkari ने 66वें SIAM Annual Convention में Bharat NCAP 2.0 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की मौत होती है। ऐसे में वाहनों की सुरक्षा बढ़ाना बेहद जरूरी है।Bharat NCAP 2.0 में कारों को कुल 100 अंकों पर परखा जाएगा। इसमें सबसे ज्यादा महत्व क्रैश प्रोटेक्शन को मिलेगा।
Bharat NCAP 2.0 में कारों की सुरक्षा को 100 अंकों के पैमाने पर पांच हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सबसे ज्यादा 55 अंक क्रैश प्रोटेक्शन के होंगे। यानी हादसे की स्थिति में कार ड्राइवर और यात्रियों को कितनी सुरक्षा देती है, इसकी सबसे ज्यादा अहमियत होगी। 20 अंक Vulnerable Road User Protection के लिए होंगे, जिसमें पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन सवारों की सुरक्षा को परखा जाएगा। Safe Driving के लिए 10 अंक मिलेंगे, जिसमें ड्राइविंग को सुरक्षित बनाने वाली तकनीकों और फीचर्स को देखा जाएगा। Accident Avoidance के भी 10 अंक होंगे, यानी कार हादसे को टालने में कितनी सक्षम है, इसका आकलन किया जाएगा। वहीं Post-Crash Safety के लिए 5 अंक निर्धारित हैं, जिसमें दुर्घटना के बाद यात्रियों को सुरक्षित निकालने और बचाव में मदद करने वाली व्यवस्थाओं को परखा जाएगा।क्रैश प्रोटेक्शन के तहत पांच अनिवार्य टेस्ट होंगे। नए नियमों में Electronic Stability Control (ESC) और Curtain Airbags को Bharat NCAP रेटिंग हासिल करने के लिए अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा Autonomous Emergency Braking (AEB), Lane Departure Warning और दूसरी एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस तकनीकें कार के स्कोर को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
साइड की ओर मुड़ी हुई सीटों वाली कारों को Bharat NCAP रेटिंग के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। Bharat NCAP 2.0 में 5-स्टार रेटिंग पाने के लिए कारों को ज्यादा अंक हासिल करने होंगे। 2027 से 2029 के बीच कम से कम 70 अंक जरूरी होंगे। इसके बाद 2029 से 2031 के बीच यह सीमा बढ़कर 80 अंक हो जाएगी। खास बात यह है कि पांच सुरक्षा श्रेणियों में से किसी एक में शून्य अंक पाने वाली कार 5-स्टार रेटिंग के लिए योग्य नहीं होगी। Global NCAP के जरिए एक मॉडल की टेस्टिंग पर करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं, जबकि Bharat NCAP में यही टेस्ट लगभग 16 लाख रुपये प्रति मॉडल में हो जाता है।